उरई। पुलिस लाइन मे आज पुलिस अधीक्षक डाॅ राकेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। एसपी ने थाना कोतवाली प्रभारियों को साफ हिदायत दी कि अन्याय पीड़ित की बात हमदर्दी से सुनी जाये और उसका सार्थक निदान किया जाये। थाने आने वाले फरियादी के साथ रुतबेबाजी किसी भी कीमत पर स्वीकार नही होगी।
पुलिस अधीक्षक ने रविवार को आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में सभी मातहतों को अपनी नीति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि डीजीपी सहित सभी उच्चाधिकारी विभाग की छवि जनमानस में उजली करने के लिए संवेदनशील हैं। दीपावली पर सभी पुलिस अधिकारियों ने जरूरतमंदो के बीच जाकर उन्हें मिठाई और अन्य उपहार वितरित किये। लोगों को दिल जीतने में यह प्रयास काफी कामयाब रहा। यह सिलसिला आगे जारी रहना चाहिए। पुलिस की छवि सबसे ज्यादा इस पर निर्भर करती है कि थाने आने वाले पीड़ित के साथ वह कितना संवेदनशील बर्ताव कर पाती है। वर्कलोड के बहाने आम फरियादियों के साथ अभद्रता को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हम लोग लोकप्रिय छवि बना सकें तो कानून व्यवस्था के लिए संकटपूर्ण स्थितियों की आवृत्ति घटकर आधी रह जायेगी।
पुलिस अधीक्षक ने विवेचनाओं की प्रगति का जायजा भी लिया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों के मामले में विभिन्न संस्थानों की सक्रियता बढ़ जाने से पुलिस के पास थर्ड डिग्री उपायों के इस्तेमाल की गुंजाइश खत्म हो चुकी है। लेकिन अवांछनीय तत्वों पर दबदबा कायम करने के लिए यही उपाय एक मात्र नही है। समय पर विवेचना और सही चार्जशीट लगाकर अपराधियों को सजा दिलवाई जाये तो कानून की लक्ष्मण रेखा पार करने के दुस्साहस में भारी गिरावट लाई जा सकती है। उन्होंने सर्दी के मौसम को देखते हुए रात्रि कालीन गश्त की व्यवस्था में कसावट लाने को कहा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ओवर लोडिंग की समस्या को भी संजीदगी से लिया जाना चाहिए। सड़कों पर ओवर लोड वाहनों के गुजरने से कानून का सरेआम मखौल होता है जो व्यवस्था के हित में उचित नही कहा जा सकता। इसलिए ओवर लोड वाहनों को रोककर उनका चालान किया जाये। उन्होंने महिला अपराधों की भी अलग से समीक्षा की।
क्राइम मीटिंग में अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य और सीओ सिटी डाॅ. जंगबहादुर यादव सहित सभी सीओ साहिबान मौजूद रहे। उधर पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही बरतने के आरोप में कुठौंद थाने के हदरुख चैकी के इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया।






Leave a comment