उरई। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव 10 नवंबर के बाद किसी भी दिन जिले में शिलान्यास और लोकार्पणों की झड़ी लगाने के लिए अपने विकास रथ को लेकर पहुंच सकते हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी संदीप कौर ने सोमवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ इसे लेकर बैठक की और निर्माण कार्यों से संबंधित सूचनाएं अपडेट करने व शिलान्यास और उदघाटन के लिए प्रस्तावित कार्यों की सूची बनाने के निर्देश दिये। डीएम से मिली यह जानकारी सुनकर अधिकारियों में खलबली मच गई।
सीएम अखिलेश 3 नवंबर से प्रदेश भर में विकास रथ चला रहे हैं। चुनावी बेला में लोगों को विकास की सौगातें बांटकर रिझाने का कोई मौका वे नही छोड़ना चाहते। इस क्रम में उनका जल्द ही सड़क के रास्ते जिले में भी आने का प्लान है। चीफ सेकेट्री के स्तर से इस मामले में कमिश्नर को अलर्ट किया गया तो कमिश्नर ने डीएम से तैयारियों में जुट जाने को कहा।
इसी के तहत डीएम ने आज कलेक्ट्रेट में सभी विभागों की बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वे निर्माण संबंधी अपने रिकार्ड अपडेट कर लें तांकि वास्तविकता पता चल सके कि कितने प्रतिशत कार्य हो गया है साथ ही शिलान्यास और लोकार्पण के लिए कार्यों की सूची बनाकर मुख्यमंत्री के हाथों से इनके पटट् अनावरण की तैयारी पूरी कर लें। उन्होंने जन कल्याणकारी योजना से जुड़े विभागाध्यक्षों से कहा कि वे अपने-अपने विभाग में संचालित योजनाओं में प्रत्येक में पांच-पांच शहर के नजदीक के लाभार्थियों की सूची बना लें। सीएम के कार्यक्रम में उनके हाथों से हितग्राहियों को लाभ वितरित कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि अभी से इसके लिए युद्ध स्तर पर जुटना होगा तभी मुख्यमंत्री के दौरे को सुचारू तरीके से फेस करना संभव हो पायेगा।
डीएम की इस बैठक के बाद सभी विभाग हरकत में आ गये हैं। लोक निर्माण के तीनों खंडों में इसके कारण देर रात तक दफ्तर खुला रहा। हाल में खिची डिप्लोमा इंजीनियरों की लंबी हड़ताल की वजह से सभी विभागों में काम चरमरा गया है। जिससे कार्य समय से पूरे न हो पाने के आधार पर विभागाध्यक्षों पर गाज गिरने की आशंका भी पैदा हो सकती है। निर्माण से जुड़े विभागाध्यक्ष इससे सहमें भी नजर आये। सीएम की इच्छा मुख्य रूप से उरई-जालौन फोरलेन का लोकार्पण करने की है लेकिन यह इतनी जल्दी संभव नही दिखता। उरई-कोंच फोरलेन के निर्माण का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री के ऐजेंडे में निश्चित रूप से शामिल रहेगा। उधर सेतु निगम ज्यादा सांसत में है। पाल सरैनी के पुल का कार्य थोड़ा ही बचा है लेकिन कई महीनों से इसमें नौ दिन चले अढ़ाई कोस से भी बुरी स्थिति बनी हुई है। यही स्थिति कोटरा के बेतवा सेतु की है। रामपुरा ब्लाॅक के सुल्तानपुरा में पहूंज पर प्रस्तावित बड़े पुल के निर्माण की आधार शिला भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा रखी जा सकती है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह, अपर जिलाधिकारी आरके सिंह, डीआरडी के पीडी चित्रसेन सिंह, जिला विकास अधिकारी आरएस गौतम, डीसी मनरेगा पीएस चंद्रौल, डीसी एनआरएलएम अशोक गुप्ता सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।






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