0 बेसब्री से इंतजार है सदस्यों को चुनाव कार्यक्रम घोषित होने का
cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngकोंच-उरई। गल्ला व्यापारियों द्वारा संचालित नगर की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था श्री धर्मादा रक्षिणी सभा के विवादित चुनाव अगले पखवाड़े होने की पूरी संभावना है जिसके दृष्टिगत चुनाव लडने बाले संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ गई है। अदालतों के चक्कर काटते हुये यह मसला हाईकोर्ट द्वारा निर्णीत हुआ था और कोर्ट ने सब रजिस्ट्रार चिट फंड झांसी को चुनाव कराने के लिये अधिकृत किया था। सब रजिस्ट्रार ने तहसीलदार कोंच को निर्वाचन अधिकारी नामित करते हुये चुनाव कराने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है। हालांकि तहसीलदार ने अभी विस्तृत चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया है लेकिन उनसे मिले संकेत बताते हैं कि वे जल्दी ही कार्यक्रम घोषित कर अगले पखवाड़े के भीतर ही चुनाव संपन्न करा देंगे।
धर्मादा के चुनाव हालांकि छह महीने पहले ही संपन्न हो जाते, इसके लिये चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति भी हो गई थी और कार्यक्रम भी घोषित हो चुका था लेकिन किसान सदस्यों के बनाये जाने में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुये कतिपय किसानों ने डीएम से शिकायत की थी और तत्कालीन डीएम रामगणेश ने एसडीएम से जांच कराने के बाद चुनाव स्थगित कर दिये थे। बाद में धर्मादा के मौजूदा मंत्री राकेश अग्रवाल उक्त फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण में चले गये जहां उन्हें कोर्ट ने यह कहते हुये राहत तो दे दी कि डीएम को चुनाव में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है लेकिन चुनाव कराने की जिम्मेदारी कोर्ट ने सब रजिस्ट्रार चिट फंड झांसी को दे दी थी। सब रजिस्ट्रार ने किसान सदस्यों का परीक्षण करते हुये दस किसानों की सदस्यता निरस्त कर दी और तहसीलदार कोंच को चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिये चुनाव अधिकारी नामित कर दिया। तहसीलदार ने बताया है कि सब रजिस्ट्रार द्वारा भेजा गया पत्र उन्हें प्राप्त हो गया है और जल्दी ही वह चुनाव कार्यक्रम घोषित कर देंगे। गौरतलब है कि इस चुनाव में 148 गल्ला व्यापारी और दस सदस्यों की निरस्ती के बाद 94 किसान अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव की इस सुगबुगाहट के बीच गल्ला मंडी में संभावित उम्मीदवार काफी सक्रिय हो उठे हैं और उन्होंने न केवल व्यापारी सदस्यों बल्कि किसान सदस्यों से भी मेल मिलाप बढा दिया है।

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