कोंच-उरई। श्री नवलकिशोर रामलीला समिति के तत्वाधान में बजरिया में जारी रामलीला महोत्सव में बीती रात्रि ताड़का वध लीला का रोचक मंचन किया गया। राक्षसों द्वारा यज्ञ ध्वंस करने के बाद महर्षि विश्वामित्र अयोध्या नरेश दशरथ के पुत्रों राम और लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा हेतु मांग लाये। रास्ते में ताड़क वन से गुजरते हुये राम ने विश्वामित्र की आज्ञा पाकर ताड़का का बध कर दिया। सिद्धाश्रम में जब महर्षि विश्वामित्र यज्ञ करने बैठते हैं तो राक्षस मारीच और सुबाहु आकर फिर उत्पात मचाते हैं। राम द्वारा सुबाहु का बध कर दिया जाता है और मारीच को बिना फण का वाण मार कर सौ योजन दूर फेंक देते हैं। इस प्रकार राम और लक्ष्मण ने महर्षि के यज्ञ को निर्विघ्न पूर्ण कराया। विश्वामित्र का अभिनय महावीर शरण आचार्य, ताड़का विश्वंभरदयाल झा, वशिष्ठ पंकज वाजपेयी ने किया। रामलीला समिति के अध्यक्ष शशांकमोहन श्रीवास्तव, मंत्री अनूप शुक्ला, अखिलेश दुवे, सुरेश यादव, शिवांग दुवे, सुमित रिछारिया, प्रमोद नगरिया आदि व्यवस्थायें देख रहे थे।






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