0 पालिका के पत्र और सांसद की पहल पर कोंच आई पर्यटन विभाग की एक सदस्यीय टीम
0 कोंच के कई महत्वपूर्ण स्थलों की भी फोटाग्राफी की
कोंच-उरई। बाग बगीचों और तालाबों की नगरी कोंच में शासन और प्रशासन की उपेक्षा के चलते यहां के कई ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के स्थलों का विकास शून्य ही रहा है लेकिन पालिका के पत्र और इलाकाई सांसद भानुप्रताप वर्मा की पहल पर पर्यटन विभाग कोंच के उन उपेक्षित स्थलों के कायाकल्प की दिशा में सक्रिय हुआ है। सोमवार को विभाग की एक सदस्यीय टीम ने धनुताल सहित नगर के और भी महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कर वहां की जरूरतें परखीं और एक फौरी रोडमैप बना ले गई है, साथ ही यहां के बाशिंदों के दिलों में उम्मीद की एक किरण भी जगा गई है कि न केवल धनुताल के दिन सागर तालाब की तर्ज पर बहुरेंगे बल्कि पर्यटन की दृष्टि से यहां के कई धार्मिक स्थल भी सुविधाओं से लैस हो सकते हैं।
सागर तालाब के सुंदरीकरण की प्रक्रिया निपटाने के बाद पालिका ने धार्मिक महत्व के धनुताल के कायाकल्प का भी बीड़ा उठाया है और इसके लिये सांसद भानुप्रताप वर्मा के मार्फत पर्यटन विभाग में दस्तक दी है। पिछले महीनों में पालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि विज्ञान विशारद सीरौठिया ने इलाकाई सांसद भानुप्रताप वर्मा के साथ भारत सरकार के पर्यटन मंत्री महेश शर्मा से मुलाकात कर एक पत्र उन्हें दिया था जिसमें धनुताल के सुंदरीकरण के लिये विभाग से धन उपलब्ध कराने की गुजारिश की गई थी। इसके बाद सांसद इस मामले में लगातार पैरोकारी करते रहे और अंततः उनकी पहल रंग लाई। पर्यटन मंत्रालय ने न केवल धनुताल बल्कि नगर के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के बाबत भी जानकारी जुटाने के लिये अपने विभाग की एक टीम सोमवार को कोंच भेजी। मंत्रालय के अंतर्गत स्वदेश दर्शन के पीएमसी स्कंदप्रताप सिंह ने पालिका के सेनेट्री इंसपेक्टर अभय सिंह, विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता रामवीर सिंह के साथ धनुताल का अवलोकन किया और इसकी चारों ओर से पक्की घेरेबंदी के साथ एक घाट, सोलर लाइटों, बैठने के लिये बैंचों आदि की जरूरत बताई। इसके अलावा टीम ने ऐतिहासिक महत्व के भारत माता मंदिर, स्वातंत्र्य समर के मूक साक्षी रामलला मंदिर, गणेश मंदिर तथा राजराजेश्वरी मंदिर (नारायण पुरी मंदिर) का बारीकी से अवलोकन किया और इन जगहों पर किन किन चीजों की आवश्यकता है, का एक रोडमैप तैयार कर इन जगहों की फोटोग्राफी भी की है। मीडिया से बातचीत में स्कंदप्रताप सिंह ने रामलला मंदिर में रैन बसेरा, शौचालय, मिनी पार्क आदि की जरूरत बताई तो वहीं राजराजेश्वरी मंदिर में बाउंड्री बॉल, भव्य गेट, पार्क तथा बैठने की व्यवस्था तथा सोलर लाइटों की स्थापना किये जाने की जरूरत बताई। जिस हिसाब से रोडमैप तैयार किया जा रहा है उसमें उम्मीद की जा सकती है कि पर्यटन मंत्रालय इस योजना को मूर्त रूप देने में दिलचस्पी दिखायेगा। इस दौरान युवा समाजसेवी अभिनव सरकार, रंगकर्मी सुशील दूरवार मिरकू महाराज, कौशलसिंह आदि मौजूद रहे।






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