08orai01उरई। लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से आठ दलित छात्रों को निष्कासित किये जाने का मामला तूल पकड़ रहा है। डास्फी ने मंगलवार को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को देकर विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताई।
डास्फी के जिलाध्यक्ष उमाकांत धूरिया ने कहा कि छात्रों को जातिगत दुर्भावना से निष्कासित किया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेड़कर से इस अन्याय का निराकरण कराने के लिए भेंट की गई थी लेकिन उन्होंने इसी कारण टाल-मटोल करके मुलाकात करने गये छात्रों को बहला दिया। उन्होंने कहा कि बीबीए लखनऊ में भी रोहित बेमुला आत्महत्या जैसी कलंकपूर्ण गाथाएं जन्म ले सकती हैं। राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर उनसे हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया है तांकि दलित छात्रों का निष्कासन रदद् करके वे दुर्भाग्यपूर्ण घटना को टाल सकें।
राहुल गौतम, नवनीत, अनिल, रामबाबू, सरमन कुमार, शैलेंद्र गौतम, कामता पाल आदि प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे।

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