0 बकौल जिलाध्यक्ष सपा 7 को होना था शिलान्यास
0 खस्ताहाल सड़कों के भरोसे लखनऊ फतह की तैयारी में है सपा
कोंच-उरई। जिले की कमोवेश सभी सड़कों का बुरा हाल है, खासतौर पर कोंच को जिला मुख्यालय से जोडने बाली सड़क को लेकर सत्ताधीशों ने 7 नवंबर की तिथि घोषित करते हुये शिलान्यास का वायदा किया था लेकिन पिछले साल भर से झूठ के सहारे यहां की जनता को बहलाते आ रहे नेताओं की एक बार फिर से पोल खुल कर सामने आई है। 7 तारीख जिस तरह चुपके से आई थी उसी तरह गुजर भी गई लेकिन शिलान्यास का कहीं अता पता नहीं है। अपने इन्हीं झूठों के दम पर सरकारी पार्टी के मंसूबे लखनऊ फतह के होने पर हंसी आती है और बरबस ही जेहन में यह बात कोंध जाती है कि क्या इन खस्ताहाल सड़कों के भरोसे सत्ता हथियाने का सपना संजो रही है सत्ताधारी सपा?
कोंच को जिला मुख्यालय उरई से जोडने बाली सड़क की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है लेकिन शासन प्रशासन इनकी तरफ से आंखें फेरे बैठे तमाशा ही नहीं देखते देखते रहे हैं बल्कि सत्ता में धमक बना कर रखने बालों और अधिकारियों के काकस ने मिल कर इस जिले की सभी नदियों को खोखला कर अपनी तिजोरियां भरने का काम किया है और नतीजा भुगतना पड़ा है बेचारी जनता को। जिला मुख्यालय उरई से कोंच के बीच अट्ठाइस किमी की दूरी में शायद ही ऐसी जगह कहीं हो जिसे सड़क कहा जा सके, वरना तो पूरा रोड ही उखड़ा पड़ा है और अब तो हालात यह हो गये हैं कि उसी सड़क पर दो-दो हाथ के गड्ढे मौत के परकाले बने हुये हैं। वाहनों का इस सड़क पर चलना बिल्कुल बंद हो गया है और जो वाहन इस रोड पर चलने की हिमाकत करता है उसे खामियाजा उठाना पड़ जाता है।
अगले कुछ महीने बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में यह सड़क चुनावी मुद्दा बन कर उभरी है और इसे लेकर सत्ताधरिी नेता पिछले एक बर्ष से यहां की जनता को यह कह कर कि अब शुरू कि तब शुरू, उल्लू बनाते आ रहे हैं। सरकारी पार्टी के लोग यह भली भांति समझ चुके हैं कि यह सड़क उनका चुनावी माहौल बिगाड़ रही है सो नेता जब भी किसी कार्यक्रम में यहां आते हैं, इस सड़क के निर्माण के शुरुआत होने की तिथियां बता जाते हैं लेकिन हर बार की तरह तिथि निकल जाती है और सड़क जहां की तहां। सपा के रजत जयंती समारोह की तैयारियों के सिलसिले में कोंच आये सपा के जिलाध्यक्ष इंद्रजीतसिंह यादव और उरई सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने विभागीय अधिकारियों से बात करके यहां घोषणा कर दी थी कि कुछ भी हो जाये, 7 नवंबर को इस सड़क का शिलान्यास करा दिया जायेगा। चूंकि सपा जिलाध्यक्ष ने पूरी जिम्मेदारी के साथ बयान दिया था सो लोगों को इस पर भरोसा करने में कोई दिक्कत नहीं हुई, लेकिन हर बार की तरह इस दफा भी वहीं हुआ, 7 तारीख आई भी और गुजर भी गई, घोषणा कोरी साबित हुई। जनता की अगर बात करें तो उसे अब सत्ताधरियों की किसी भी बात पर भरोसा नहीं रह गया है।
इंसेट में-
सीएम खुद करने बाले हैं शिलान्यास
इस पूरे झमेले को लेकर सपा के नेता बैकफुट पर हैं और मामले की झाड़पौंछ करने में लगे हैं। उरई सदर विधायक दयाशंकर वर्मा के प्रतिनिधि हरिश्चंद्र तिवारी का कहना है कि चूंकि मुख्यमंत्री महोदय बुंदेलखंड के दौरे पर आने बाले हैं लिहाजा कोंच-उरई रोड के शिलान्यास का कार्यक्रम मुल्तबी किया गया है। उनका कहना है कि रोड निर्माण का कार्य एक दो दिन में शुरू हो जायेगा और शिलान्यास सीएम के आने पर ही होगा। उन्होंने यह कह कर कि सपा ने प्रदेश में विकास कार्यों की झड़ी लगा कर इस सूबे को देश के किसी भी सूबे के मुकाबले सबसे आगे की पांत में लाकर खड़ा कर दिया है और कोंच उरई रोड के लिये टोकनमनी भी आ चुकी है।
फोटो-विधायक प्रतिनिधि हरिश्चंद्र तिवारी
इंसेट में-
सपाई अब झेंप मिटाने में लगे हैं-जितेन्द्रराय
कोंच-उरई रोड मसला अब चुनावी मुद्दा बन चुका है और आगामी विस चुनाव में यही रोड सपा को धूल चटाने का काम करेगा। सपा नेताओं के रोज रोज बदलते बयानों को लेकर भी उन्होंने दो टूक कहा है कि अपनी विफलताओं को सपाई छिपा नहीं पा रहे हैं और आज बन जायेगी भोर बन जायेगी जैसे बयान देकर अपनी झेंप मिटाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि पिछले साढे चार सालों में अगर इस सड़क का रिपेयरिंग वर्क ही होता रहता तो आज यह नौबत नहीं आती कि आम आवागमन बंद हो गया है और लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिये पचास किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
फोटो-बसपा के पूर्व लोकसभा प्रभारी जितेन्द्रराय






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