08orai03उरई। जाटव विकास महासभा ने बसपा सुप्रीमों मायावती के नेतृत्व में आस्था जताते हुए 2017 में उन्हें फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंचाने के लिए कमर कसकर काम करने का संकल्प जताया है।
बघौरा स्थित केएस पब्लिक स्कूल में महासभा की बैठक अध्यक्ष रामशरण जाटव की अध्यक्षता में हुई। इसमें सामाजिक मुददों के अलावा विधानसभा चुनाव के बारे में भी चर्चा की गई। रामशरण जाटव ने कहा कि जाटव समाज को हक, इंसाफ और इज्जत बसपा सुप्रीमों मायावती की मजबूत कयादत के चलते मुमकिन हो रही है। इसलिए 2017 के विधानसभा के चुनाव में जाटव समाज को उनकी सरकार बनवाने के लिए प्राण पण से ताकत लगाने की जरूरत है।
इसके पहले महामंत्री लक्ष्मीनारायण जाटव ने पिछली कार्रवाइयों तथा उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने निष्क्रिय पदाधिकारियों को बदलने का प्रस्ताव अध्यक्ष के सामने किया।
महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामसनेही जाटव और संचालक भोलानाथ दलित ने महासभा के जनचेतना सम्मेलनों की श्रंखला में कालपी नगर में माह दिसंबर में एक विशाल आयोजन करने की जानकारी दी जिसमें समाज में व्याप्त कुरीतियों के समूल नाश के लिए प्रभावी संदेश दिया जायेगा। पूर्व सूबेदार शारदा प्रसाद जाटव ने पीएम मोदी पर दो-मुंही बात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ओआरओपी को वे जानबूझकर पूर्णरूप से लागू नही कर रहे है जिससे पूर्व सैनिकों को क्षोभ और छल के एहसास के चलते शहीद तक होना पड़ रहा है।
बैठक में उपाध्यक्ष बलराम जाटव, नगर मंत्री वीरेंद्र प्रताप सिंह, रिटायर्ड अभियंता दुर्गाप्रसाद जाटव, तहसील मंत्री विजय कुमार, रामबाबू खकसीस, चंद्रभान जाटव खकसीस, नंदकिशोर बघौरा, बालकिशुन पेंटर बघौरा, सतीश चंद्र, विद्यालय के प्रबंधक तकदीर सिंह, डाॅ. अखिलेश प्रशांत, कमल सिंह आदि ने भी विचार प्रकट किये।

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