cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। लोहिया आवास के मामले में प्रशासन के ढीले-ढाले रवैये की वजह से ग्राम प्रधानों की मनमानी का राज चल रहा है। पात्र होते हुए भी गांवों में उन लोगों को आवास योजना का लाभ देने से मना किया जा रहा है जिन्होंने प्रधान को वोट नही दिया था।
मंगलवार को महेबा ब्लाॅक के बम्हौरी खर्द का निवासी किशुन कुमार जिलाधिकारी को ऐसी ही शिकायत करने आया। किशुन कुमार दोनों पैरों से दिव्यांग है। इसके अलावा आर्थिक तौर पर हर पहलू से उसे मोहताज जिंदगी गुजारनी पड़ रही है लेकिन प्रधान ने सचिव को साथ मिलाकर उसे इसलिए लोहिया आवास की मांग से महरूम कर दिया क्योंकि उसे संदेह है कि उसने प्रधानजी को वोट नही दिया था।
किशुन कुमार वर्तमान में जिस घर में रह रहा है उसकी हालत पूरी तरह जर्जर है और उसका घर कभी भी गिर सकता है फिर भी प्रधान को दया नही आ रही। जिलाधिकारी ने कालपी के एसडीएम को जांच के लिए लिखा है।

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