उरई। मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर बालू खनन की शुरुआत हो गई है। माधौगढ़ क्षेत्र में रात होते ही मध्य प्रदेश से ओवर लोड भरकर आने वाले ट्रकों का तांता लगना शुरू हो जाता है। प्रशासन की इस पर कोई नजर नही है। दूसरी ओर बंगरा-माधौगढ़ जैसी सुदृढ़ सड़के तक ओवर लोड ट्रकों के कहर से जल्द ही खस्ता हाल हो जाने की आशंका इस वजह से मंडराने लगी है जिससे माधौगढ़ क्षेत्र में जनरोष गहरा रहा है।
जालौन जिले में भले ही अभी खनन पर प्रशासन नकेल कसे हुए है लेकिन माधौगढ़ और रामपुरा क्षेत्रों से लगे मध्य प्रदेश की सीमा क्षेत्र में बालू खनन फिर से शबाब पर पहुंच गया है। इसके चलते प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर और ट्रक बालू भरकर जिले में आ रहे हैं। ट्रकों में इतनी ज्यादा बालू भरी जा रही है कि सड़के कराह उठी हैं। क्षेत्रीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इसकी अनदेखी कर रहे हैं क्योंकि मध्य प्रदेश के बालू माफिया उनकी सेवा करते रहने का वायदा कर चुके हैं। जिले में अधिकारियों के लिए सूखे का मौसम चल रहा है इसलिए मध्य प्रदेश के बालू माफियाओं की चटनी को चाटकर गुजारा चलाना उनके लिए डूबते को तिनके का सहारा का सबब बन चुका है।
बहरहाल लंबे समय तक बंगरा-माधौगढ़ सड़क की दुर्दशा से नारकीय अनुभव भोगते रहे इस क्षेत्र के लोग फिर से अपना सुकून छिन जाना गंवारा नही कर रहे। बीहड़ विकास मोर्चा के संयोजक शैलेंद्र सिंह ने कहा कि अगर अधिकारियों ने अपना फर्ज निभाते हुए यहां से ओवर लोड बालू ट्रकों की आवाजाही को रोकने की कोशिश नही की तो आंदोलन छेड़कर उनकी करतूतों को बेनकाब किया जायेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी उन्ही की होगी।






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