उरई। 500 और 1000 के नोट रातों-रात रदद करने के सरकार के फैसले ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप और दवा की दुकानों पर मारामारी के दृश्य बार-बार पैदा हो रहे थे। उधर छोटे नोटों की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है।
दृश्य रेलवे स्टेशन-
09orai03रेलवे स्टेशन के काउंटर क्लर्क वापसी के लिए फुटकर पैसा न होने की बात कहकर 500 और 1000 रुपये के नोट स्वीकार करने से मना करने में लगे थे। जिससे उनके साथ यात्रियों की चखचख हो रही थी। एक काउंटर के बाबू ने कहा कि उसे 500 और 1000 का नोट लेने में दिक्कत नही है बशर्तें पूरे नोट की कीमत के टिकिट खरीदें। वह क्या करे उसके पास बचे पैसे लौटाने के लिए नही हैं। इस चखचख में कई यात्री लाइन से हटकर बिना टिकिट के ट्रेन में बैठने का जोखिम मोल ले रहे थे। उधर यात्रियों को खाने-पीने का सामान स्टेशन पर लेने में दिक्कत का सामना भी करना पड़ रहा था। कुछ लोग अपने को कैन्टीन ठेकेदार के आदमी बताकर 500 के नोट के बदले साढ़े चार सौ रुपये देने का धंधा भी करने में लगे थे जिसकी कोई टोका टोकी नही हो रही थी।
दृश्य मेडिकल स्टोर-
09orai04अस्पताल गेट के एक मेडिकल स्टोर पर अर्चना अहिरवार और दुकान मालिक के बीच वाकयुद्ध छिड़ा था। अर्चना अहिरवार ने बताया कि उसे 40 रुपये की दवा लेनी है लेकिन ये कह रहे हैं कि या तो 10-10 के नोट दें या फिर पूरे पांच सौ रुपये की दवा खरीदें। उधर मेडिकल स्टोर संचालक अपनी मजबूरी बताने लगा। उसने कहा कि अस्पताल के पास के मेडिकल स्टोर में फुटकर दुकानदारी कम ही होती है जिसकी वजह से उसके पास नाम मात्र के छोटे नोट थे। जो सुबह ही ग्राहकों को लौटाने में खप गये। अब वह पांच सौ, हजार के नोट पर कम दाम लेने के लिए वापसी कहां से लाये।
दृश्य पेट्रोल पंप-
09orai05स्टेट बैंक के सामने का पेट्रोल पंप हो, कालपी रोड पेट्रोल पंप या दूसरे पेट्रोल पंप सभी जगह पांच सौ और हजार रुपये के नोट पर तभी पेट्रोल भरा जा रहा था जब पूरी कीमत का पेट्रोल भरवाने के लिए ग्राहक रजामंद हो। इस चक्कर में पेट्रोल पंप कर्मचारी और ग्राहकों के बीच हाथापाई तक की स्थिति बार-बार बन रही थी।
दृश्य सब्जी मंडी-
09orai06लोगों के पास छोटे नोट न होने की वजह से ताजा सब्जियों की खरीद में एकाएक बहुत ज्यादा कमी पैदा हो गई। जिससे बिना बिकी सब्जी के शाम तक खराब हो जाने के भय से बेचने वाले परेशान नजर आये।

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