10orai04 10orai05उरई। नोट एक्सचेंज करने और जमा कराने वालों की भारी भीड़ सभी बैंक शाखाओं में आज सुबह से ही उमड़ पड़ी। हालांकि बदले नोट केवल एसबीआई की मैन ब्रांच, सिटी ब्रांच और पोस्ट आॅफिस में ही ग्राहकों को मिल सके। अन्य बैंकों ने कहा कि नई करेंसी उन्हें शाम तक मिल जायेगी। जिसके कारण उनके यहां शुक्रवार से एक्सचेंज शुरू होगा।
अचानक बड़े नोट रदद करने के ऐलान से अर्थ व्यवस्था का इंजन शहर में भी बुधवार को फेल रहा। जिससे लोगों से लेकर दुकानदारों तक में हाहाकार की स्थिति रही। नोट रदद करने के ऐलान के बाद आज जब पहली बार बैंक खुले तो लोग उन्माद जैसी स्थिति में बैंक शाखाओं पर उमड़ पड़े। सभी शाखाओं में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस एलर्ट रही।
दूसरी ओर प्रापर्टी डीलरों में जबर्दस्त विलाप हो रहा है। रजिस्ट्री आॅफिस में रोज की गहमा-गहमी से अलग नजारा था। जहां आज कमोवेश दिन भर सन्नाटा छाया रहा। अधिकारी भी पीएम के फैसले से कम परेशान नही हैं। उनकी परेशानी केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज और बढ़ा दी जब उन्होंने ऐलान किया कि ढाई लाख रुपये से अधिक नोट जमा कराने वाले आयकर विभाग के रडार पर रखे जायेंगे और उनसे आय के स्रोत के बारे में पूंछतांछ की जायेगी। चुनाव वर्ष में यह काम का सीजन है जिसके कारण हाल के दिनों में अधिकारियों के घर दौलत बरसती रही जो पांच सौं और हजार के नोटों की शक्ल में ही मुख्य रूप से मिली। यह दौलत वे अभी व्यवस्थित नही कर पाये थे कि केंद्र सरकार के नोट रदद करने के फैसले की गाज गिर पड़ी। आंखों के सामने अपनी फसल लुटते देखना कई अधिकारियों का सहन नही हो पा रहा जिससे नगर के हार्ट स्पेशलिस्ट डाॅक्टर पिछले दो दिनों से काॅलौनी में व्यस्त बने हुए हैं। नेता भले ही टीवी चैनलों पर सरकार के इस फैसले से किसानों की आत्महत्या होने की गप्पें हांक रहे हों लेकिन जिला मुख्यालय पर तो यह अंदेशा अधिकारियों के लिए है। कई 10 लाख की रकम मरते देख कमजोर दिल के कुछ अधिकारी आत्महत्या कर सकते हैं। उनके यहां जिन ठेकेदारों व अन्य लोगों ने अपना पैसा लगा रखा है वे लोग अब उनकी सेहत की खबर पल-पल ले रहें हैं।
उधर कलेक्ट्रेट के सामने स्थित जिला पंचायत मार्केट के कई दुकानदार पिछले दो दिनों से नोटों की ब्लैक मार्केटिंग में चांदी काट रहे हैं। उन्होंने पांच सौ के नोट के बदले सौ-पचास के साढ़े चार सौ नोट और एक हजार के नोट के बदले नौ सौ रुपये का रेट खोल दिया। एसपी और कलेक्टर के कार्यालयों के समीप हुई इस कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की ओर से अभी तक कोई एक्शन नही लिया जा सका है।

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