उरई। मोहल्ला विजय नगर में दम्पत्ति और उसके पुत्र की कुल्हाड़ी व राॅड से हमला कर हत्या कर दी गई। दम्पत्ति की पुत्री सोमवार को जब उनका मोबाइल रिसीव न होने पर घर पहुंची तो बाहर से ताला लगा था। उसने बगल के प्लाट में जाकर कूलर की खिड़की से झांका तो बदबू के तेज भभके से उसकी नाक फटने लगी। इसके बाद उसने भीतर देखा जहां माता-पिता के शव बुरी हालत में पड़े दिखाई दिये। आनन-फानन में पुलिस को खबर की गई। पुलिस के आने पर दम्पत्ति के साथ-साथ उसके बेटे का शव भी उसी कमरे में बरामद हुआ।
मृतकों में सुरेंद्र तिवारी (65वर्ष), उनकी पत्नी अभिलाषा तिवारी (61वर्ष) और पुत्र कार्तिकेय उर्फ डिम्पू शामिल हैं। अभिलाषा कई बार स्मैक बेचने के आरोप में जेल जा चुकी थी। चर्चा यह है कि यह परिवार बड़े पैमाने पर स्मैक बेचने के धंधे में लिप्त था। सुरेंद्र तिवारी के बड़े बेटे नितिन की चार वर्ष पहले संदिग्ध स्थितियों में फांसी लगने से मौत हो गई थी। उसकी पत्नी नेहा ने सुरेंद्र तिवारी और अभिलाषा पर उसकी हत्या का आरोप लगाया था जबकि सुरेंद्र तिवारी ने नेहा के खिलाफ अपने बेटे की हत्या करा देने का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में नेहा को पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में बंद रहने के दौरान ही नेहा ने एक पुत्र को जन्म दिया था।
दो बेटों के अलावा सुरेंद्र तिवारी की तीन बेटियां हैं। उनकी एक बेटी रूबी की ससुराल जालौन में है। रूबी के मुताबिक उसके मामा झांसी निवासी कृष्णकांत शुक्ला ने उसे मोबाइल पर बताया था कि वे लगातार जीजा और जीजी को फोन कर रहे हैं लेकिन कोई फोन नही उठा रहा। माजरा क्या है। इसके बाद मामा झांसी से और वह जालौन से आज घर पहुंचे तब तीनों हत्याओं का खुलासा हुआ। सुरेंद्र का छोटा बेटा कार्तिकेय भी नशे का लती था और 24 घंटे पीनक में गुमसुम रहता था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन में ऊपर तक हड़कंप मच गया। झांसी रेंज के डीआईजी शरद सचान ने भी जिला मुख्यालय पर आकर मौका मुआइना किया। एसपी डाॅ. राकेश सिंह ने बताया कि जिस कमरे में तीनों हत्यायें हुईं उसमें से कुल्हाड़ी, राॅड और हसियां बरामद किया गया है। ऊपर के कमरों में तलाशी लेने पर स्मैक, चरस और नशा पीने की पन्नियां मिलीं। कई खाली बैग भी बरामद हुए हैं जिससे लगता है कि मृतक के द्वारा ट्रेनों से यात्रियों का सामान चुरवाने का धंधा भी किया जाता रहा हो। उन्होंने संभावित हत्यारे को लेकर अभी कोई अनुमान जाहिर करने से इंकार कर दिया। वैसे पता यह चला है कि सुरेंद्र तिवारी के धंधे में राजेंद्र नगर मोहल्ला निवासी एक पार्टनर भी था जिससे तीन महीने पहले उसका काफी झगड़ा हो गया था। इसलिए संदेह की सुई उसकी ओर घूम रही है। उसके पहले पुत्र की पत्नी नेहा के परिवार पर भी निगाह दौड़ाई जा रही है। छानबीन के लिए फोरसिंक टीमों को भी कई जगह से बुलाया गया है।
दो दिन पहले हत्या का अंदाजा
सुरेंद्र तिवारी के घर दो दिन के अखबार मिले जिन्हें खोला नही गया था। इस आधार पर पुलिस अधीक्षक ने हत्या दो दिन पहले होने का अनुमान जाहिर किया है।







Leave a comment