01-ayurvedic-aspatal 02-mariz-ko-dekhte-doctorजालौन-उरई। स्थानीय मनोहर लाल आयुर्वेदिक अस्पताल स्टाॅफ की कमी से जूझ रहा है। 25 बैडो का यह अस्पताल स्टाॅफ की कमी से अस्त व्यस्त अवस्था में है। जिसके चलते आम जनता को इस अस्पताल की सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मनोहर लाल आयुर्वेदिक अस्पताल में कुछ सालों पहले तक नगर ही नहीं क्षेत्र से लोग इलाज कराने के लिए आते थे। अस्पताल में मरीजों की लाइन लगा करती थी। अब डाॅक्टरों तथा स्टाॅफ की कमी से अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। नगर के पूर्वजों ने इस आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण में अपनी जमीन दान में देकर यह सोचा था कि नगर व क्षेत्र की जनता को इस अस्पताल से लाभ मिलेगा। शुरू में उनकी यह सोच सही भी साबित हुई। लेकिन धीरे, धीरे चलकर अब उनकी यह मेहनत नाकाम साबित होती नजर आ रही है। इस अस्पताल में 25 बैड हैं साथ ही अस्पताल में दो डाॅक्टर, दो फार्मासिस्ट, चार स्टाॅफ नर्स, चार वार्ड ब्याय और दो चैकीदार के पद हैं। जो नगर व क्षेत्र की जनता के लिए पर्याप्त तो नहीं थे। फिर भी इनसे काम चलाया जा रहा था। परंतु कालांतर में जिले से उन पदों पर तैनात कर्मचारियों को धीरे, धीरे हटा दिया गया। अब अस्पताल में मात्र एक डाॅक्टर, एक स्टाॅफ नर्स, एक वार्ड व्याय तथा एक चैकीदार की ही तैनाती कर खानापूर्ति की जा रही है। फाॅर्मासिस्ट न होने के चलते स्टाॅफ नर्स नेहा सिंह व वार्ड व्याय राहुल पाठक से दवचा का वितरण कराया जा रहा है। स्टाॅफ की कमी के चलते जो भी मरीज तथा तीमारदार अस्पताल में आते हैं, उनका उचित इलाज न होने से वह भी यहां से जाने पर मजबूर हो जाते हैं। एक समय था कि उक्त अस्पताल में लंबी, लंबी कतारों में खड़े मरीज तथा उनके तीमारदारों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। अब अस्पताल में अव्यवस्थाओं को देखते हुए मरीज आने से हिचकिचाते हैं। वहीं, शासन द्वारा पर्याप्त धनराशि भी नहीं दिए जाने पर यह भवन भी अब जर्जर होता जा रहा है। वर्षों से भवन की रंगाई पुताई भी नहीं हुई है। अस्पताल में रखे फर्नीचर की हालत भी जर्जर है। अस्पताल में तैनात डाॅ. अमर सिंह ने बताया कि आज भी प्रतिदिन लगभग 70 से 80 मरीजों को देखा जा रहा है। कन्टरजैंसी के नाम पर अस्पताल में नाम मात्र रूपए आते है। ऐसे में रोजमर्रा के आवश्यक खर्च ही पूरे नहीं होते हैं। फिर अस्पताल की रंगाई पुताई की बात तो पूछिए ही नहीं। इस अव्यवस्था के संबंध में जब जिले के अधिकारी डाॅ. एमबी आर्या से दूरभाष पर संपर्क करना चाहा तो उनका फोन स्विच आॅफ मिला। वहीं, नगर व क्षेत्रीय जनता ने जिलाधिकारी संदीपव कौर से मांग करते हुए कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाॅफ की कमी को जल्द ही दूर किया जाए। ताकि नगर व क्षेत्र की जनता को इस अस्पताल की सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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