उरई। बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के तत्वावधान में वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में सभा आयोजित की गई जिसमें हाल में निकाली गई दलित अधिकार यात्रा के अनुभवों को सांझा किया गया।
सभा की शुरूआत वीरांगना झलकारी बाई के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की गई। रामकुमार, मुहर सिंह यादव, सुरेंद्र उरकरा, राजेश मंगरोल, सुरजीत सरसौनी, प्रीति कांशीरामपुर, नीलम, पंचम, रामसिंह चुर्खी, अजीत दमरास आदि ग्रामीणों ने सभा में गांवों में दलितों की कारुणिक स्थिति का जब बयान किया तो लोगों में दर्द के साथ क्षोभ की भी लहर दौड़ गई। संयोजक कुलदीप कुमार बौद्ध ने कहा कि दलित तब तक आजाद नही होंगे जब तक कि वे शोषण और उत्पीड़न करने वाली सांमती ताकतों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाने का हौसला नही दिखाते। कलेक्ट्रेट से अंबेडकर चैराहा तक इस दौरान दलित स्वाभिमान मार्च भी निकाला गया।







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