cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngजालौन-उरई। 500 व 1000 के नोटों की बंदी के चलते शादी विवाह आदि कार्यक्रम संपन्न कराने वालों को काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं। सरकार द्वारा शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रूपए की निकासी की सुविधा दि जाने के बावजूद कुछ बैंकों में पीड़ित घंटों लाइन में लगने के बाद जब काउंटर तक पहुंचता है तो उसे नियमों का हवाला देकर टरका दिया जाता है। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि उन्हें आसानी से ढाई लाख रूपए निकालने की सुविधा दी जाए।
इस समय शादियों का सीजन चल रहा है। शादी को लेकर परिवार वालों में गजब का उत्साह रहता है। लोग तमाम योजनाऐं बनाते हैं कि शादी में ऐसा इंतजाम करना है या वैसा इंतजाम करना है। इसके लिए शादी वाले घरों में रूपयों की भी जरूरत रहती है। काफी खरीददारी करनी पड़ती है। रस्में आदि निभाने के लिए भी रूपयों की आवश्यकता रहती है। लेाग अपने बेटे या बेटी की शादी के लिए एक एक रूपया जोड़कर इकट्ठा कर बैंकों में इस आशा के साथ रखते हैं कि यह रूपए बेटे या बेटी की शादी के समय काम में आऐंगे। 8 नबंवर के पहले तक ऐसा सब कुछ चल भी रहा था। लेकिन 8 नबंवर की रात जब प्रधानमंत्री द्वारा 500 तथा 1000 के नोट बंद होने की घोषणा की गई, तो जिनके घरों में शादियां होनी थीं, उन्हें बड़ा झटका लगा। इसके बाद इन लोगों की परेशानियांे को देखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा शादी वाले परिवारों को शादी का कार्ड दिखाने पर ढाई लाख रूपए की निकासी की सुविधा दिए जाने की घोषणा की गई। इसके बावजूद नगर में स्थित कुछ बैंक अभी भी शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रूपए की निकासी नहीं करने दे रहे हैं। कहीं बैंक में कैश न होने का बहाना बनाया जाता है तो कहीं नियमों का हवाला देकर रूपयों की निकासी नहीं की जा रही है। ऐसे में परेशान परिजनों के पास परेशान होने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है। दो दिन पूर्व इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा में बहिन की शादी के लिए रूपए निकालने आए ग्राम उरगांव निवासी ओमशंकर त्रिपाठी को ढाई लाख रूपए की निकासी से संबंधित कोई सर्कुलर न आने की बात कहते हुए उसे रूपए निकालने से मना कर दिया गया था। इसी प्रकार से बेटी की शादी के लिए स्टेट बैंक में रूपए निकालने आई तारादेवी को स्टेट बैंक मैनेजर ने पैन नंबर न होने के कारण रूपए निकालने से मना कर दिया। तो वहीं, इलाहाबाद बैंक की मुख्य शाखा में भतीजी की शादी के लिए रूपए निकालने गए ग्राम लहचूरा के किसान अखिलेश को रूपए न होने का बहाना बनाकर रूपयों की निकासी करने से मना कर दिया गया। ऐसे में पीड़ित जाए तो जाए कहां। लोगों ने जिलाधिकारी से मांग करते हुए कहा कि जिनके यहां शादी विवाह आदि कार्यक्रम संपन्न होने हैं, उन्हें आसानी से रूपयों की निकासी की जाए। अन्यथा की स्थिति में जनसामान्य आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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