22-konch-01कोंच-उरई। उ0प्र0 सरकार भले ही विकास के वादे ठोके लेकिन आखिर इन दावो की पोल खुल ही जाती है। जहाँ सरकार अपने अधिकारियों कर्मचारियो से काम नही करवा पा रही है तो वही सरकार की वेतन लेने वाले कर्मचारी अपनी ड्यूटी तक नहीं निभा पा रहे है। मामला कोंच गोखले नगर स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का है जहाँ दो दिन से ताला पड़ा है और रोगी चिकित्सालय के चक्कर लगा रहे है यहाॅ तैनात डाॅ. सी.एम. कंचन कभी भी स्वास्थ्य केन्द्र में उपस्थित नहीं होते और शासन के नियमो को ताक पर रखकर अपने मनमाने ढंग से चिकित्सालय को संचालित करते है। जब मीडिया की टीम वहाॅ पहुॅची तो अस्पताल में ताला पड़ा था और रोगी बाहर बैठे डाॅक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी अस्पताल का ताला नहीं खुला जिससे रोगी बिना इलाज कराये वापस लौटना पड़ा चिकित्सालय में प्रतिदिन मरीजो की भीड़ बनी रहती है लेकिन डाॅक्टर नदारत रहते है। यहाॅ सौरभ कुमार अनुज कुमार गोलू अहिरवार वीरेन्द्र कुमार गोखले नगर के मरीज इलाज को भटकते रहे। यह सब देखकर लगता है कि शासन के प्रयासो को उनके ही कर्मचारी कभी पूरा नहीं करते और फ्री में वेतन लेन का नियम सा बना लिया है जिसका नुकसान कही न कहीं स्थानीय मरीजो को भुगतना पड़ता है और उनका इलाज समय से नहीं हो पाता है।

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