0 जिंदगी पटरी पर नहीं, लेकिन बैंक शाखाओं में लगने बाली कतारें हुई छोटीं
0 इलाहाबाद बैंक मंडी शाखा के ग्राहक सबसे ज्यादा परेशान
कोंच-उरई। नोटबंदी के पखवाड़ा भर बाद भी आम जिंदगी ढर्रे पर नहीं लौट सकी है इसके बाबजूद बैंकों के बाहर लगने बाली कतारों का साइज जरूर छोटा हो गया है या कहीं कहीं लगभग खत्म भी हो गया है, अलबत्ता इलाहाबाद बैंक मंडी शाखा के ग्राहक जरूर अच्छे खासे परेशान हैं। यहां शादी व्याह वालों को ढाई लाख एकमुश्त के भुगतान की बात केवल कल्पनाओं में ही सोची जा सकती है क्योंकि चैबीस हजार के भुगतान के सापेक्ष यह शाखा दो-चार हजार से ज्यादा के भुगतान नहीं कर पा रही है जिसके चलते सबसे ज्यादा भीड़ इसी बैंक शाखा में लग रही है। इधर, सर्राफा बाजार स्थित मुख्य उपडाकघर में काम काज नहीं होने और तालाबंदी ने आम लोगों की मुश्किलें बढाने का काम किया है।
हजार पांच सौ के नोट चलन के बाहर होने से आम आदमी काफी परेशान है, लोग अपनी छोटी मोटी जरूरतें भी पूरी करने में खुद को असमर्थ पा रहे हैं। करेंसी एक्सचेंज में हुये भारी घपलों के बीच आबीआई की रोज रोज बदलती नीतियों में कल 24 नवंबर तक करेंसी एक्सचेंज के आदेश थे लेकिन बैंकों ने कई दिन पहले ही करेंसी एक्सचेंज करने से हाथ खड़े कर दिये हैं। बैंक शाखाओं के आगे लगने बाली कतारें खत्म होने या उनका साइज छोटा होने के पीछे यही बड़ा कारण है कि अब नो करेंसी एक्सचेंज। शादी व्याह बाले घरों में आरबीआई ने इतने सख्त नॉम्र्स बनाये हैं कि अब शायद ही किसी एक घर में एक मुश्त ढाई लाख की रकम पहुंच पाये। कोंच कस्बे में एकमात्र बैंक स्टेट बैंक है जो एकमुश्त चैबीस हजार के भुगतान खातों से कर पा रही है वरना अन्य बैंक शाखाओं में पैसे का भारी टोटा है और वे अधिकतम दस हजार तक के ही भुगतान कर पा रहीं हैं।
सबसे ज्यादा हालत खराब ग्राहकों की अगर कोई किये है तो वह है इलाहाबाद बैंक की मंडी शाखा। दो दिन पहले तक वह सिफग् दो हजार जैसा छोटा भुगतान खातेदारों को कर रही थी और जब एसडीएम मुईनुल रहमान ने थोड़ा सख्त रुख दिखाया तब कहीं जाकर अब वह चार हजार के भुगतान कर रही है। इस स्थिति को लेकर इस शाखा के खातेदारों में भारी रोष है लेकिन वे कर भी क्या सकते हैं। बताना समीचीन होगा कि इलाहाबाद बैंक मंडी शाखा में जितने खाते हैं उनमें सबसे ज्यादा लगभग अस्सी फीसदी खातेदार किसान और मजदूर वर्ग के लोगों के हैं और भुगतान की व्यवस्था पटरी के नीचे होने के कारण उन्हें बहुत परेशानियां झेलनी पड़ रहीं हैं। इधर, आरबीआई के डाकघरों के लिये जारी नये फरमान जिसमें छोटी बचत में पुरानी करेंसी लेने की मनाही की गई है, ने भी लोगों की मुश्किलें बढाईं हैं, यहां तक कि डाकघरों ने काम ही लगभग ठप कर दिये हैं। सर्राफा बाजार स्थित मुख्य उपडाकघर में आज तालाबंदी रही जबकि बजरिया उपडाकघर में स्पीड पोस्ट बगैरह के ही काम हो सके हैं।






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