23orai03 23orai04उरई। कांग्रेस कार्यालय में श्रीमद्भागवत का आयोजन पूर्व ब्लाॅक प्रमुख सुदर्शन सिंह राजपूत और वंदना राजपूत की जजमानी में बुधवार से शुरू हो गया। पहले दिन की कथा में भागवताचार्य कु. पीताम्बरा जी ने श्रोताओं को महाराजा पारीक्षित की कहानी सुनाई। इसमें उन्होंने बताया कि महाराजा पारीक्षित की अनुमति से ही कलयुग स्वर्ण धातु में विराजमान हो चुका है जिसने उनकी बुद्धि सिर पर सोने का मुकुट होने की वजह से फेर दी थी। परिणाम स्वरूप उन्हें एक सप्ताह में तक्षक नाग के डसने से अकाल मृत्यु का श्राप भोगना पड़ा। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत की इस कथा का मनोयोग से श्रवण करने वाले भक्तगण स्वर्ण के प्रति अत्यधिक मोह के दुष्प्रभाव से सचेत रहते हैं।
ध्यान रहे कि इसके पहले 21 नवंबर को पारीक्षित के रूप में सुदर्शन सिंह राजपूत और वंदना राजपूत ने कथा के लिए गणेश पूजन करके इसकी भूमिका रची थी। कथा के पहले दिन आज कांग्रेस कार्यालय के प्रांगण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कु. पीताम्बरा जी ने सरस शब्दावली में कथा के गूढ़ अर्थों का बखान किया जिससे श्रोताओं को काफी ज्ञानामृत ग्रहण करने का अवसर मिला।
इस अवसर पर सुधी श्रोताओं में अजय पांडेय, रामऔतार गोरन, रामखिलौने चांदनी, वीरपाल सिंह राजपूत ऐंधा, पुनीत राजपूत रामनगर, संदीप राजपूत रामनगर, गंगाचरण राजपूत बम्हौरी, ओमप्रकाश राजपूत बम्हौरी और धर्मेंद्र कुमार द्विवेदी एडवोकेट डकोर उल्लेखनीय रूप से मौजूद रहे। उन्होंने व्यवस्थाओं में भी हाथ बटाया।

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