उरई। कोंच की कांशीराम कालोनी में पेयजल नलकूप पर कार्यरत आपरेटर पप्पू बाबा की डयूटी के दौरान 17 अगस्त को मौत हो गई थी। जिसे लेकर विभाग के अधिकारी उसके परिवार को अभी तक कोई मुआवजा देने की व्यवस्था नही कर सके हैं। जबकि मुखिया की मौत से आपरेटर की पत्नी और बच्चे अनाथ होकर पेट भरने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।
इसी सिलसिले में पप्पू बाबा की विधवा पत्नी संगीता बुधवार को दुबे पत्रकार के साथ कलेक्ट्रेट में डीएम संदीप कौर से मिलीं। उसने बताया कि उसके पति जल संस्थान के जेई संजय द्वारा नियुक्त किये गये थे। जिनकी नीयत में खोट है। विभाग से पर्याप्त मुआवजा दिलाने की बजाय उनकी शह पर जल संस्थान का ठेकेदार विकास 60 हजार रुपये लेकर मामला रफादफा करने के लिए उन्हें धमका रहा है।
संगीता ने बताया कि पिछले कई महीनों से अपने पांच बच्चों के साथ वह दाने-दाने को मोहताज बनी हुई है। घर का सारा खर्चा पति की आमदनी से चलता था। जिनके न रह जाने से उसके सामने भुखमरी के हालात पैदा हैं। डीएम ने उसकी बात सुनने के बाद उसके साथ पूरी हमदर्दी जताई लेकिन उन्होंने कहा कि उसके पति की नौकरी सरकारी नही थी जिससे प्रशासन मुआवजा के मामले में कोई मदद करने में असमर्थ है। उन्होंने संगीता को जल संस्थान के एक्सीएन से मिलकर उन्हें अपनी तकलीफ से अवगत कराने को कहा। डीएम बोली कि हो सकता है कि एक्सीएन उनको कोई रास्ता बता सकें।







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