उरई। कदौरा थाना क्षेत्र में गत् 19 नवंबर को जली हालत में मिले राजकरन पाल के शव के मामले के खुलासे की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र शाक्य ने बुधवार को पत्रकार वार्ता आयोजित करके दी। राजकरन पाल की हत्या अवैध संबंधों के कारण उसकी पत्नी और भांजे ने की थी। बाद में उसके एक और भांजे व बहनोई ने उसका शव ठिकाने लगाने का इंतजाम किया था। सभी लोग गिरफ्तार कर लिए गये हैं।
कदौरा कस्बे के सिद्धार्थ नगर मोहल्ले के निवासी राजकरन पाल की हत्या कर उसका शव शहादतपुर रोगी गांव में जलाकर फेंक दिया गया था जिससे वारदात को छुपाया जा सके। लेकिन पुलिस ने अंततोगत्वा इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझा दिया। मीडिया में एक दिन पहले ही मामले के अनावरण की खबर छप गई थी। इसके कारण एडीशनल एसपी को बुधवार को इस मामले में बासी प्रेस कांफ्रेस करनी पड़ी।
उनके साथ पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे सीओ कालपी सुबोध गौतम ने बताया कि राजकरन की पत्नी ममता का भांजे विनीत से प्रेम संबंध हो गया था। जानकारी होने पर राजकरन ने दोनों को डपटकर रोकना चाहा तो विनीत और ममता ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इसके लिए घटना स्थल पर ले जाकर राजकरन को बोरिंग के गढढे में गिराकर तब तक मारा गया जब तक कि उसकी मौत नही हो गई। बाद में विनीत का पिता महेंद्र पाल और भाई सोनू भी आ गये। उन्होंने विनीत को बचाने के लिए बोरिंग में सूखी कर्वी डालकर राजकरन का शव जला डाला तांकि उसकी हत्या की जानकारी किसी को न मिल पाये।
एडीशनल एसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बताया कि मामले का अनावरण करने वाली टीम में कदौरा थानाध्यक्ष लालबहादुर यादव, वरिष्ठ उप निरीक्षक घनश्याम सिंह यादव, कांस्टेबिल शैलेंद्र सिंह व रामकुमार और महिला होमगार्ड द्रोपदी का मुख्य रूप से योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश सिंह ने इस टीम को ढाई हजार रुपये का नगद पुरस्कार प्रोत्साहन के लिए स्वीकृत किया।







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