24orai01कोंच-उरई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानो को उनकी फसलो की बुवाई के लिये बीज गोदामो एवं कृषि भण्डारों पर 1000 व 500 के नोट को मान्य किया गया है। जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। नोट बंदी के बाद किसानो की हालत खस्ता हो गयी थी। क्योंकि गरीबी का दंश झेल रहे किसानो के पास छोटी पूंजी ही थी। जिसमें कुछ किसानो के पास 500 व 1000 के नोट अपनी फसल की बुबाई के लिये रखे थे। लेकिन 8 नवम्बर को हुये नोट बंदी के ऐलान के बाद किसान मायूस हो चुके थे। क्योंकि उनके यह नोट लेने को कोई तैयार नहीं था। जिससे किसानों की फसल की बुबाई समय से नहीं हो पा रही थी। किसानों के इस दर्द को देखते हुये केन्द्र सरकार ने अपने नोट बंदी के फैसले में संसोधन करते हुये किसानों को राहत दी। और कहा कि किसान पुराने नोट से ही खाद, बीज एवं सिंचाई कर सकता है। वह पुराने नोट से किसी भी सरकारी बीज भण्डार से खाद व बीज प्राप्त कर सकता है। सरकार के इस फैसलो को देखने के लिये जब हमारी टीम पहुची कोंच मण्डी स्थित सरकारी बीज गोदाम पहुची और पुराने नोटो के बारे में पूंछा तो वहाँ तैनात सहायक कृषि निरीक्षक हरचरण निरंजन ने बताया कि सरकार के फैसले के संसोधन के बाद हम 1000 एवं 500 के पुराने नोटो से किसानो को बीज उपलब्ध करा रहे है। उन्होंने बताया कि सरकारी बीज भण्डार में किसानो को सरकारी अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसमें अलग अलग जिंसो पर अलग अलग अनुदान निर्धारित है जिसमें चने पर 40 प्रतिशत मटर पर 100 प्रतिशत अनुदान है। वही गोदाम पर ग्राम भड़ारी के किसान राजाराम पटेल व पवन कुमार पुराने नोटो से बीज खरीदते मिले। वहाॅ स्टाफ में बाबू झुन्नीलाल एवं गोविन्द नारायण उपस्थित थे।

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