उरई /राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत 0-05 वर्ष के बच्चो का आंगनवाड़ी केंन्द्रो पर 12 व 15 दिसम्बर 16 को बच्चों का वजन लेकर कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चो को चिन्हित किया जायेगा।

उक्त बात जिलाधिकारी संदीप कौर ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राज्य राज्य पोषण मिशन के अन्तर्गत जिला पोषण समिति एवं हौसला पोषण के संचालित की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नोडल अधिकारी को प्रत्येक माह अपने से सम्बन्धित आंगनवाड़ी केन्द्रो का निरीक्षण करके रिपोर्ट देनी होती है। इसलिए अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह निरीक्षण कर निरीक्षण रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर भरकर दे। 12 व 15 दिसम्बर को 05-05 परियोजनाओं पर वजन करके कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण किया जायेगा। साथ ही पिछले वजन दिवस की अपेक्षा कितने बच्चे कम या ज्यादा कुपोषण का शिकार हुए है यह भी पता लगाया जायेगा। जो बच्चे रेड श्रेणी में चिन्हित होंगे उनको आंगनवाड़ी केन्द्रो पर उपलब्ध लाल रजिस्टर में अंकित किया जाना होगा इसकी तैयारी हेतु नोडल अधिकारी 10-12-16 से पूर्ण केन्द्रो का निरीक्षण करके देखेंगे कि वहां पर उपलब्ध वजन मशीने ठीक है या नहीं जिन केन्द्रो पर मशीने खराब पाई जाये या उपलब्ध न हो वहां पर स्वास्थ विभाग के अनटाईटिड फन्ड से क्रय करने की कार्यवाही की जाये इसके साथ ही ब्लाॅक के सी0एच0सी0 के प्रभारी चिकित्साधिकारी सी0डी0पी0ओ0 सम्पर्क कर वजन मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे इसके साथ ही 12 वा 15 दिसम्बर को छूट गये बच्चो का वजन 19 दिसम्बर को किया जायेगा। अब किसी भी दशा में आंगनवाड़ी केन्द्र बन्द न मिले यह सी0डी0पी0ओ0 सुनिश्चित करें अन्यथा कठोर कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। किसी भी केन्द्र पर अतिकुपोषित बच्चों की संख्या शून्य न हो प्रत्येक केन्द्र पर कोई न कोई बच्चा रेड श्रेणी में जरूर होगा। उसकी संख्या दर्शाई जाये। जिस तरह पिछली बार बजन दिवस को किया गया था इस बार भी उसी तरह से सफलतापूर्वक करना। विभागीय अधिकारी कर्मचारी केन्द्रो का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं को ठीक करायें। इसके साथ ही ए0एन0एम0/आशा तथा ग्राम प्रधान वा सदस्य वजन दिवस के दिनों में सक्रिय सहयोग ग्राम में उपस्थित रहकर बच्चों को आंगनवाड़ी के केन्द्रो पर लाने और वजन कराने में अहम भूमिका निभाये।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री कमलेश मौर्य प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आशाराम, परियोजना निदेशक चित्रसेन सिंह, एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी तथा चिकित्सक खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।






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