कोंच, उरई : प्रतिबंधित हुए 500 व 1000 के नोटों को चलाने के बाद भी विद्युत विभाग की बकायेदारी कम नहीं हो पायी है। विभाग का खजाना अभी भी खाली का खाली ही है।

विद्युत विभाग का लगभग तीन करोड़ रुपया विद्युत उपभोक्ताओं पर बकायेदारी के रूप में पड़ा हुआ है। जिसे विभाग ने एनपीए मानकर छोड़ सा दिया है। नोट बंदी के बाद जब सरकार ने बकायेदारों से पुराने 500 व 1000 के नोटों से बिल जमा करने का आदेश दिया तब विभाग को लगा था कि अब उनकी बकायेदारी चुकता हो जायेगी। परंतु ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। लाख कोशिशों के बाद भी विभाग कोई प्रगति नहीं कर पाया। विभाग को जहां अकेले नगरीय क्षेत्र से 80 लाख का का बिल बनता है वहीं मात्र नवंबर माह में 51 लाख ही मिल पाये हैं। विभाग अपने लक्ष्य से अभी भी 29 लाख रुपए पीछे है। जबकि सितंबर माह में जब नोट बंदी नहीं हुयी थी विभाग ने 53 लाख रुपए जमा कराया था। इतने प्रयासों के बाद भी जब विभाग के अभियंताओं को कोई सफलता नहीं मिली तो विभागीय अभियंता यह मान बैठे हैं कि बकायेदार बिजली के बिलों की बकायेदारी जमा करना ही नहीं चाहते। नगरीय क्षेत्र जहां विद्युत उपभोक्ताओं के 8259 कनेक्शन हैं वहां 80 लाख रुपए प्रति माह लक्ष्य निर्धारित है। जिसकी कभी भी पूरी भरपायी विभाग नहीं कर पाया है। इस बारे में एसडीओ कौशलेंद्र ¨सह कहते हैं कि 800 के लगभग ऐसे उपभोक्ता हैं जिनका पता ही नहीं चल पा रहा है। अधिकतर लोगों पर एक लाख रुपए से ज्यादा का बकाया है। नोटिस के बाद भी रिकवरी नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि नदीगांव, कैलिया सब स्टेशनों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के पांच फीडरों से करीब 8 हजार कनेक्शन हैं जिनसे प्रति माह 1 करोड़ 20 लाख रुपए की वसूली निर्धारित है लेकिन इस माह केवल 6 लाख 68 हजार की ही वसूली हो पायी है। इसके लिए उन्होंने कर्मचारियों की कमी बताया।

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