माधौगढ़,उरई : कस्बे की गल्ला मंडी नौ नवंबर से बंद होने के कारण पल्लेदारों को भारी परेशानी हो रही है। उनके सामने रोजी रोटी का संकट मंडरा रहा है। बड़े नोटों की बंदी होने से व्यापारी दुकानें नहीं खोल रहे हैं। लेन देन में बड़े नोट न लिए जाने से यह समस्या पैदा हुई है। नुकसान व्यापारियों का भी हो रहा है लेकिन वह कर भी क्या सकते हैं। कोई भी पुराने नोट लेने के लिए तैयार नहीं है।

बड़े नोट बंद होते ही कस्बे की गल्ला मंडी भी बंद कर दी गयी थी। लेन देन में कोई भी व्यक्ति हजार व पांच सौ का नोट नहीं ले रहा था जिससे दुकानें बंद करना मजबूरी हो गया। व्यापारी तो किसी तरह से काम चला रहे हैं लेकिन उन लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है जिनको रोज कमाना खाना है। मंडी के पल्लेदार भी मंडी बंद होने से परेशान हैं। उनको काम ही नहीं मिल रहा है। इस स्थिति में वह कहां जायें। दुकानदारों ने भी उधार राशन पानी देना बंद कर दिया है जिससे समस्या गंभीर हो गयी है। पल्लेदार बच्चों का पेट भरने के लिए परेशान हो रहे हैं। कन्हैया लाल, बरई, पूरन, फूल ¨सह, वीर ¨सह, महेश बाबू, मलखान, ओम प्रकाश, बलवीर, ¨पटू ने बताया कि कई दिन हो गये हैं अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहां से गल्ला पानी का प्रबंध करें। बच्चों के भरण पोषण में समस्या आ रही है।






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