26orai04उरई। जिला पंचायत के शासी निकाय की बैठक में उरई-कोंच रोड का काम शुरू न हो पाने का ठीकरा पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता ने नोट बंदी पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि प्लांट लगाने के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है लेकिन ठेकेदार के पास बैंकों से धन न निकलने की वजह से लेबर को देने के लिए रकम नही है जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
जिला पंचायत की शासी निकाय की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष सुमन निरंजन की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन मुख्य विकास अधिकारी एसपी सिंह ने किया। इसमें जिले के तीनों विधायक और जिला पंचायत सदस्य व जिला पंचायत के दायरे के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे। नगर विकास मंत्री आजम खां के विभाग में कैसे-कैसे नमूने हैड बनाये जा रहे हैं इसकी झलक देखने को मिली। जल निगम खां साहब का विभाग है जिसके यहां पदस्थ अधिशाषी अभियंता सुखलाल जनप्रतिनिधियों को कितना दुख दे रहे हैं इसकी ताबड़तोड़ मिसालें सामने आने पर सीडीओ एसपी सिंह को कहना पड़ा कि एक्सीएन साहब अगर आपने कार्यप्रणाली न सुधारी तो आपको जेल भेजना पड़ेगा।
नदीगांव क्षेत्र के अकनीबा गांव में पेयजल परियोजना पर लगभग ढाई करोड़ रुपया खर्च हो चुके है लेकिन आज तक सप्लाई शुरू नही हुई। विधायक माधौगढ़ संतराम कुशवाहा ने बताया कि पहले कागजों में तो रुपया खर्च हो चुका था लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नही हुआ था। अंततोगत्वा 2015 में फिर से एक करोड़ रुपया का बजट इसके लिए स्वीकृत किया गया जबकि 40 लाख रुपये उपलब्ध भी करा दिये गये लेकिन यह रुपया किस कार्य में खर्च हुआ जल निगम अधिशाषी अभियंता इसकी जानकारी नही दे पा रहे हैं। सीडीओ अधिशाषी अभियंता सुखलाल की ओर मुखातिब हुए लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि सुखलाल के हावभाव ऐसे थे कि जैसे उन्होंने कुछ सुना ही न हो। इस पर सीडीओ का पारा चढ़ गया।
इसके बाद बारी आई प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100-100 खराब हैंडपंपों के रीबोर की। खराब हैडपंपों की जानकारी विधायकों से ली जानी थी और जहां-जहां रीबोर ठीक कराया गया उसकी जानकारी भी उन्हें दी जानी थी। लेकिन सुखलाल ने यह जिम्मेदारी भी नही निभाई। सीडीओ ने पूंछा कि सुखलाल साहब कमिश्नर साहब कह गये थे कि हर कार्य की वीडियोग्राफी कराकर कैसेट बनवायेंगे क्या यह काम आपने किया। सुखलाल ने मासूमियत से कहा कि कई कार्यों की वीडियोग्राफी नही कराई जा सकी। सीडीओ इस पर बुरी तरह झल्ला गये। उन्होंने सुखलाल को जेल भेजने का अल्टीमेटम दे डाला।
बैठक में नहर विभाग की भी जमकर खिचाई हुई। नहर सिल्ट सफाई के लिए तय हुआ था कि विधायकों से कहां-कहां सफाई करानी है इसके प्रस्ताव लिए जायेंगे और सफाई की जानकारी भी दी जायेगी। लेकिन ऐसा कोई कदम नही उठाया गया। सीडीओ ने इस पर नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता से जबाब तलब किया। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर के बाद फिर से सफाई शुरू होगी तब इस आदेश के अनुपालन का पूरा ध्यान रखा जायेगा।
सदर विधायक दयाशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक संतराम कुशवाहा, कालपी विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सिंह सरसेला, परियोजना निदेशक डीआरडीए चित्रसेन सिंह, जिला पंचायत सदस्य रविंद्र हरौली, पुष्पेंद्र सिंह सेंगर, बाबा बालक दास के अलावा कई और सदस्य और अधिकारी मौजूद थे।

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