उरई। नोट बंदी के सरकार के फैसले को तानाशाही भरा कदम बताते हुए कई विरोधी दलों और संगठनों ने एकजुट होकर 28 नवंबर को भारतबंदी को जिले में सफल बनाने का संकल्प लिया।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर चैधरी के आवास पर पत्रकार वार्ता में अलग-अलग दलों और संगठनों के नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार के नोट बंदी के तुगलकी फरमान से किसान, व्यापारी, कर्मचारी, शिक्षक, मजदूर सभी परेशान हैं। लोग सबेरे से शाम तक पैसे के लिए लाइन लगाये रहते हैं। बैंकों के एटीएम खाली पड़े हैं। किसान खेती के काम नही करा पा रहा। व्यापार भी पूरी तरह चैपट हो चुका है।
उन्होंने तंज कसा कि विदेशों में सैर-सपाटा कर जिंदगी के मजे लूट रहे पीएम को लोगोें की इन तकलीफों का अंदाजा कैसे हो सकता है। जनता के विरोध को सरकार के सामने लाने के लिए 28 नवंबर को हम सभी 11 बजे माहिल तालाब पर स्थित गांधी प्रतिमा परिसर में इकटठा होंगे और माहिल तालाब से शहीद पार्क इसके बाद शहीद भगत सिंह चैराहा होते हुए तहसील के सामने गांधी चबूतरे पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
पत्रकार वार्ता में सपा जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव, भाकपा के प्रांतीय नेता काॅ. कैलाश पाठक, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर चैधरी, शहर अध्यक्ष डाॅ. रेहान सिददीकी, जेडीयू के जिलाध्यक्ष संतोष राजपूत, आप पार्टी के जिलाध्यक्ष दीनदयाल काका, उत्तर प्रदेश ट्रक यूनियन के जिलाध्यक्ष अपना सगीर, सपा नेता डाॅ. महेश द्विवेदी और भाकपा नेता विजय सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।






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