0 रोज रोज घटती घटनाओं से गुस्साये ग्रामीणों का जबर्दस्त हंगामा, रोड जाम
0 डंपर ड्राइवर को पुलिस अभिरक्षा से खींचने का ग्रामीणों ने किया प्रयास, पुलिस पर किया पथराव
0 एसडीएम, सीओ ने आकर स्थिति को संभाला, हटवाया जाम
कोंच-उरई। एट-कोंच रोड पर डंपर की जबर्दस्त टक्कर लगने से इक्कीस बर्षीय युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने लगभग तीन घंटे तक जबर्दस्त हंगामा काटा और रोड जाम कर दिया। ग्रामीणों और पुलिस के बीच कई घंटे तक संघर्ष होता रहा, ग्रामीणों ने पुलिस के ऊपर जमकर पथराव किया और पुलिस बचाव की मुद्रा में दिखी। ग्रामीण पुलिस के रवैये से खासे खफा दिख रहे थे जिसके चलते उन्होंने पुलिस के लिये भद्दी भद्दी गालियों का भी जमकर प्रयोग किया। एसडीएम और सीओ के मौके पर पहुंचने और ग्रामीणों को उनके समझाने के बाद ही स्थिति पटरी पर आ सकी। दरअसल, ग्रामीण पिछले महीनों में गांव में हुई एक वृद्घ की हत्या का सही खुलासा पुलिस द्वारा नहीं किये जाने और कतिपय निर्दोशों को जेल भेज कर मामला ठंडे बस्ते में डालने से भी आक्रोशित दिखे।
सोमवार को कोंच-एट रोड पर ग्राम अंडा के पास बाईक सवार एक युवक को डस्ट लदे डंपर नं. यूपी 93 बीटी 0597 ने बुरी तरह से रौंद मारा जिससे उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक उरई तहसील के थाना एट क्षेत्र के ग्राम खेड़ा कलां का निवासी रचित पटेल (21 वर्ष) पुत्र महेन्द्रप्रताप सिंह बताया गया है। घटना के बाद अंडा गांव के सैकड़ों ग्रामीण रोड पर आ गये और हंगामा काटने लगे। भीड़ देख डंपर ड्राइवर विक्रम उर्फ कल्लू पुत्र अंगद निवासी बड़ागांव जिला झांसी मौके से भाग निकला लेकिन ग्रामीणों ने काफी दूर तक दौड़ा कर उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई की जिससे वह भी घायल हो गया। इसी बीच कोतवाली पुलिस को सूचना मिली तो कोतवाल शिवमोहन प्रसाद, दरोगा रवीन्द्र कुमार त्रिपाठी, संजीय यादव, राजेन्द्रप्रसाद द्विवेदी, जयवीर सिंह, विनोदकुमार त्रिपाठी, उदयपाल सिंह, विक्रमसिंह आदि भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जैसे तैसे ड्राइवर को उनके चंगुल से छुड़ा कर अपनी कस्टडी में ले लिया लेकिन ग्रामीण ड्राइवर को खींचने का लगातार प्रयास करते रहे और पुलिस के साथ संघर्ष करते रहे, यहां तक कि ग्रामीणों ने पुलिस पर भारी पथराव किया लेकिन वे ड्राइवर को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने में नाकाम रहे। हालांकि ग्रामीण इतने गुस्से में थे कि पुलिस उस ड्राइवर को मौके से कोतवाली तक ला पाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाई। इसी बीच कुछ ग्रामीण डंपर को आग के हवाले करने के लिये बढे तो वहां पुलिस से उनकी जमकर मजाहमत हो गई, पुलिस ने ग्रामीणों के हाथों से जलते कपड़ों को छीन कर रोड किनारे खंतियों में भरे पानी में फेंका। मामले की सूचना एसपी डॉ. राकेश सिंह को दी गई और उन्होंने सर्किल के थाना कैलिया, नदीगांव और एट की फोर्स को मौके पर भेजा लेकिन इतनी सारी फोर्स भी हालात काबू कर पाने में नाकाम साबित होती दिखी। जब एसडीएम मोईन उल इस्लाम और सीओ अवधेशकुमार शुक्ल लेबिल के अधिकारी वहां पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को डंपर के खिलाफ कारगर कार्यवाही किये जाने का भरोसा दिया तब कहीं जाकर पुलिस ड्राइवर को कोतवाली तक ला सकी। फिलहाल, मृतक के चाचा विनोदकुमार पुत्र भगवानदास ने कोतवाली में डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही से डंपर चला कर उसके भतीजे को मार देने की तहरीर दे दी है, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ग्रामीणों के गुस्से के आगे बेबस दिखी पुलिस
इस दुर्घटना के अलावा और भी फैक्टर्स ऐसे रहे कि ग्रामीण पुलिस को लेकर काफी गुस्से में दिखे। ग्रामीण लगभग तीन घंटे तक पुलिस के साथ मोर्चाबंदी पर रहे और जमकर पथराव करते रहे। बचाव की मुद्रा में रही पुलिस खुद को सुरक्षित रखने के लिये बॉडी प्रोटेक्टर्स से लैस रही। कोतवाली कोंच के इंसपेक्टर और दरोगाओं के अलावा कैलिया एसओ बीरेन्द्र सिंह, एट एसओ मनोज सिंह, नदीगांव एसओ प्रमोद कुमार और इन थानों की पुलिस फोर्स मामला संवेदनशील देखते हुये पुरी तरह से तैयार हो कर आई थी लेकिन ग्रामीणों के गुस्से के सामने ये अपने को बेबस पा रहे थे। एसडीएम भी लाउडहैलर पर लगातार ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप, पुलिस भरोसे के काबिल नहीं
अनियंत्रित वाहनों की आवाजाही के कारण रोज रोज घटने बाली घटनाओं को लेकर तो ग्रामीणों का गुस्सा था ही, गुजरी 24-25 सितंबर को गांव में हुई वृद्ध धनसिंह की हत्या का सही खुलासा नहीं किये जाने को लेकर भी ग्रामीण पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे थे। ग्रामीणों का एसडीएम मोईन उल इस्लाम से साफ कहना था कि धनसिंह की हत्या के मामले में जिस तरह से पुलिस ने लीपापोती करके मामला दाखिल दफ्तर कर दिया गया था। ग्रामीणों का यह भी कहना था कि पुलिस ने न तो हत्या का सही खुलासा किया और जिन संदिग्धों के बारे में बताया गया था जो अभी भी गांव से फरार हैं, उनको भी पुलिस ने अभयदान दे कर छुट्टा छोड़ रखा है लिहाजा इस दुर्घटना के मामले में पुलिस का भरोसा कैसे किया जाये। एसडीएम ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा और सरकारी स्तर से जो भी आर्थिक इमदाद अनुमन्य होगी, मृतक आश्रितों को मुहैया कराई जायेगी। सीओ ने भी कहा कि स्कूली बच्चों की आवाजाही को देखते हुये सुबह 10 बजे तक एट कोंच रोड पर डंपर जैसे बड़े वाहन प्रतिबंधित कहेंगे और सिपाहियों की ड्यूटी भी लगाई जायेगी।
बुरी तरह रौंद डाला बाईक को डंपर ने
कोंच-एट रोड की जर्जर हालत की बजह से इस सड़क पर आम आवागमन न के बराबर है और यहां अधिकांश इस रोड पर अवस्थित गांवों के ग्रामीणों और भारी वाहनों की ही आवाजाही होती है। गड्ढों से भरपूर इस सड़क पर आज हुई दुर्घटना में डंपर ने बाईक को इतनी बुरी तरह से रौंदा कि पूरी बाईक ही ऐसे पिचक गई जैसे इस पर आगे-पीछे करके डंपर ने कई बार रौंदा हो। मृतक के सिर पर से गुजरे डंपर ने उसका सिर भी बुरी तरह पिचका दिया था।
फोटो-कोंच6-चकनाचूर हो गई बाईक के पास पड़ा शव
एक अन्य दुर्घटना में बाल बाल बचा युवक
जिस जगह आज अंडा गांव के समीप हुई दुर्घटना में मौत के ठीक पंद्रह मिनट पहले और ठीक उसी जगह एक और दुर्घटना भी हो चुकी थी जिसमें गांव अंडा का ही निवासी सत्रह बर्षीय अंकित गुप्ता बाल बाल बचा। उसे भी एक डंपर ने ही टक्कर मारी थी लेकिन वह डंपर मौके से भागने में कामयाब हो गया था। इसके तुरंत बाद ही हुई दूसरी घटना के बाद ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंचना स्वाभाविक ही था। अंकित के हाथ, पैर और सिर में चोटें आईं जिसका उपचार सीएचसी कोंच में कराया गया। वह कोचिंग पढने कोंच बाईक से जा रहा था जब उसे टक्कर मारी गई।







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