उरई। नोट बंदी के फैसले को तुगलकी बताते हुए तमाम विरोधी दलों ने एकजुट होकर सोमवार को जनाक्रोश दिवस मनाया। इसमें माहिल तालाब स्थित गांधी पार्क से तहसील के सामने गांधी चबूतरे तक मार्च निकाला गया। इस दौरान विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने पीएम मोदी मुर्दाबाद के नारे लगाये। भगत सिंह चैराहे पर पीएम मोदी का पुतला भी फूंका गया।
विपक्षी नेताओं ने भारत बंदी के आवाहन के मुताबिक शहर का बाजार बंद भी कराने का प्रयास किया लेकिन उन्हें इसमें नाकामी हाथ लगी। ज्यादातर दुकानदारों ने नोटबंदी के फैसले के प्रति समर्थन जताते हुए अपनी दुकानें पूरे दिन खोली रखीं। टकराव बचाने के लिए पुलिस को इस कारण बाजार में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।
गांधी चबूतरे पर सभा को संबोधित करते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा कि नोट बंदी का फैसला तुगलकी ढंग से लागू किया गया है। जिससे सारा व्यापार ठप्प हो गया है। खेती को भी जोरदार झटका लगा है। पीएम मोदी की विवके हीनता से अर्थ व्यवस्था को इतना ज्यादा तबाही झेलनी पड़ सकती है कि आर्थिक विकास सूचकांक की अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में बहुत नीचे स्थान पर पहुंचने की आशंका भारत के लिए पैदा हो गई है। यह फैसला गरीबी और बेरोजगारी की समस्या को विकराल रूप प्रदान कर सकता है।
सभा में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्याम संुदर चैधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामकुमार दीवौलिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ. रेहान सिददीकी, डाॅ. रामाधीन, सत्यपाल शर्मा, भाकपा के काॅ. कैलाश पाठक, देवेश चैरसिया, विनय पाठक, विजय सिंह राठौर, शिवकांत, रक्षा अवस्थी, ऊषा किरन कुशवाहा और लल्ला देवी पाल, सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद यादव, महेश द्विवेदी, विजय राजावत, धीरेंद्र अग्रवाल, गोपाल जी मिश्रा, संदीप यादव, आप के अशोक गुप्ता महाबली, दीनदयाल काका, प्रियंक शर्मा, जितेंद्र व्यास, वरुण सक्सेना, धर्मेंद्र जाटव आदि शामिल रहे।







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