cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। चौकिये नही स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के ग्राहकों को नोट बंदी से हो रही परेशानी का कोई मलाल नही है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें शिदद्त के साथ यह इल्तजा है कि वे स्टेट बैंक की यहां की मुख्य शाखा के कर्मचारियों के लिए योग कक्षायें लगवाने की पहल करें।
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में मंगलवार को भी ग्राहकों की भारी तादाद टूटी। लेकिन कर्मचारी कूल रहकर इन्हे संभालने की बजाय काम करने की नौबत आ जाने की वजह से आपा खोने को मजबूर दिख रहे थे। कई ग्राहकों ने कहा कि बैंक में रुपये जमा कराने या निकालने के लिए आना वेबजह की जलालत भोगने का पर्याय बन गया है। महिला ग्राहकों तक को नही बख्शा जा रहा। आज महिलाओं की कतार के पैसे लेने से अचानक काउंटर क्लर्क ने मना कर दिया तो हड़कंप मच गया बाद में सीनियर मैनेजर राजीव रंजन वर्मा ने किसी तरह व्यवस्था कर हालात को संभाला।
जानकारों का कहना है कि चुनौती पूर्ण स्थितियों में बैंक जैसी साॅफ्सिटीकेटिड जाॅब करने वाले लोगों के अंदर धैर्य का गुण होना चाहिए। लेकिन वर्कलोड में यहां के कर्मचारी तनाव के शिकार हो रहे हैं। वे पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ बरबराते हुए काम कर रहे हैं। उन्होंने वर्क टू रूल जैसी हड़ताल की मुद्रा साध ली है जिससे ग्राहकों को लाइन में लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। अगर कोई ग्राहक उन्हें टोक दे तो उनका गुस्सा भड़क जाता है। स्टेट बैंक की मैन ब्रांच में अगर यह सीन बरकरार रहा तो मोदी की पार्टी को आने वाले विधानसभा चुनाव में लेने के देने पड़ सकते हैं। इसीलिए पीएम से गुहार लगाई गई है कि वे बैंक कर्मचारियों का मनोरोग दूर करने के लिए योग गुरू बाबा रामदेव की सेवाएं लें जिससे खातेदारों को बेइज्जत होने से बचाया जा सके।

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