उरई। विश्व साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष के महानायक क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के निधन पर भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) एवं प्रगतिशील लेखक संघ ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। शिक्षा सृजन स्कूल में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने उन्हें शोषित, पीड़ित, मानवता का महान मसीहा बताया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए शिक्षा सृजन के प्रबंध निदेशक काॅ. जाकिर आजमी ने कहा कि कास्त्रो न केवल क्यूबा बल्कि समूची लातिन अमेरिकी देशों और दुनियां भर में मेहनतकश जनता की मुक्ति के लिए जीवन भर संघर्ष किया। काॅ. देवेंद्र शुक्ला ने कहा कि दक्षिणपंथी तानाशाही की ओर बढ़ रहे भारत के लिए आज फिदेल कास्त्रों के आदर्श पहले से ज्यादा प्राशंगिक हो गये हैं।
प्रलेश के अध्यक्ष डाॅ. बाबू रामाधीन ने फिदेल कास्त्रो को भारत में मानवीय मूल्यों के लिए संघर्षरत नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। इप्टा के सचिव राज पप्पन ने कहा कि फिदेल कास्त्रो के निधन से विश्व सर्वहारा आंदोलन को गहरा धक्का लगा है। काॅ. संजीव ने अन्याय और गैर बराबरी के खिलाफ समूची दुनियां संघर्षरत लोगों के लिए प्रकाश स्वतंत्र बने रहेंगे। गोष्ठी को डाॅ. रामप्रताप सिंह एवं हृदेश त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी एवं विद्धान मौजूद रहे।







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