उरई। डकोर थाना क्षेत्र के बंधौली गांव में अवैध खनन की जददोजहद में कुछ माह पहले हुई खूनी जंग में गोली लगने से एक मौत हो गई थी। इस मामले में अन्य लोगों के साथ चर्चित सिपाही धर्मेंद्र यादव को भी मृतक के भाई धीरज ने नामजद कराया था लेकिन पुलिस अभी तक धर्मेंद्र को गिरफ्तार नही कर सकी थी जबकि उसके खिलाफ मृतक का बयान भी दर्ज हो गया था।
धीरज ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिसकी पैरवी जानेमाने अधिवक्ता अजय सिंह सेंगर ने की। उन्होंने कहा कि विभागीय पक्षपात के कारण पुलिस धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार नही करना चाहती जो कि नाइंसाफी की बड़ी मिसाल साबित हो रहा है। दूसरी ओर राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरसी पांडेय ने सफाई में कई दलीलें पेश की। लेकिन सुनवाई कर रही दो सदस्यीय बैंच के विद्वान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति श्रीमती रेखा दीक्षित ने अजय सिंह सेंगर की प्रभावी पैरवी को संज्ञान में लेते हुए यूपी के डीजीपी के माध्यम् से जालौन के एसपी डाॅ. राकेश सिंह को अगली सुनवाई की तिथि 5 दिसम्बर के पहले धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश करने का अल्टीमेटम दिया। अगर 5 दिसंबर के पहले वे ऐसा करने में असफल रहते हैं तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में सफाई देने के लिए पेश होना पड़ेगा।






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