उरई। दिन बीतने के साथ बैंकों में कैश संकट और संगीन होता जा रहा है जिससे सरकार के दावों की कलई खुल गई है। जिला मुख्यालय से लेकर दूर देहातों तक की बैंक शाखाएं रीती पड़ी हैं। दूसरी ओर गंभीर जरूरत के लिए भी नगदी न मिलने से परेशान लोग अब उग्र प्रतिक्रिया पर उतारू होने लगे हैं। सिरसाकलार थाने के दमरास गांव में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में अधीर ग्रामीण खातेदार खाट लेकर सरकार की खाट खड़ी करने के लिए बैंक गेट पर जम गये हैं। उनका कहना है कि जब तक कैश नही मिलेगा तब तक वे नही उठेंगे और बैंक कर्मियों को भी नही निकलने देंगे चाहे कितनी भी रात क्यों न हो जाये।
कैश संकट ने देश भर में जनजीवन की लाइफ लाइन चोक कर दी है। सरकार के तमाम दिलासे लफ्फाजी साबित होते जा रहे हैं। हैड पोस्ट आॅफिस में पिछले पांच दिनों से नगदी मुहैया नही है। यूनियन बैंक और कैनरा बैंक में भी कैश का टोटा पड़ गया है। शादी के लिए ढाई लाख की नगदी मिलना तो बहुत दूर की बात है बैंकों ने बाकायदा आज यहां बोर्ड लगा दिया था कि एक ग्राहक को पांच हजार से ज्यादा की नगदी देना उनके लिए मुमकिन नही है। इसलिए ग्राहक परेशान न करें। लोग कैश संकट का निदान न हो पाने से बुरी तरह उकताते जा रहे हैं।
उधर दमरास में कई दिन बाद आज दोपहर 2 बजे इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में कैश पहुंचा लेकिन यहां डिमांड के सापेक्ष ऊंट के मुंह में जीरा की हालत थी। बैंक का स्टाॅफ किसी तरह हजार, डेढ़ हजार रुपये देकर लोगों को बहलाने की कोशिश में जुटा था जबकि त्रयोदशी और शादी वाले घरों के लोग पूरा कैश लेकर ही जाने पर आमादा थे। लोग खाट और अलाव के लिए लकड़ियों का इंतजाम कर बैंक में डेरा जमाने के इरादे से आये थे। जिससे बैंक कर्मियों में देर रात तक बैचेनी का आलम बना रहा। पुलिस भी हालत की नजाकत को समझते हुए सतर्कता बनाये हुए है। लेकिन जानकार कह रहे हैं कि ग्रामीण इतने झुंझलाये है कि राम जाने क्या हो जाये।






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