सरकार और प्रशासन की कसावट की कलई चुनाव के समय लोगों के लिये काम करने के दिखावे में इस तरह खुल रही है जिससे उसका मान बढ़ने की बजाय फजीहत ज्यादा हो रही है। ब्लॉक महेबा के गांव दमरास में तीन महीने से कन्या जूनियर हाई स्कूल की बच्चियां भूखें भजन करने को मजबूर हैं।कालपी के एसडीएम संजय कुमार सिंह गुरुवार को दमरास न्याय पंचायत के ग्रामों में चौपाल लगाने निकले। उन्होंने अभैदेपुर, भिटारी, मलथूआ, खड़गुई मुस्तिकल और दमरास में चौपाले लगाकर लोगों के सामने जहां किसान दुर्घटना बीमा योजना, पारिवारिक लाभ योजना व अन्य योजनाओं का बखान करते हुये सरकार का एहसान चुनाव के वक्त लोगों पर चढ़ाने की कोशिश की। वहीं लोगों को अपनी समस्यायें बताने के लिये भी प्रेरित किया।
लेकिन इस दौरान एसडीएम साहब उस समय परेशानी में आ गये। जब पता चला कि यहां की कन्या जूनियर हाई स्कूल की बहन जी सुशीला देवी ने बच्चियों पर ऐसी ममता उड़ेली कि तीन महीने से प्रधान द्वारा चेक काटने के बाबजूद उनके लिए मिड-डे मील नही बनने दिया। जिससे वे भूख से बिलबिलाती हुई कक्षा में बैठे रहने को मजबूर हुईं।
होना तो यह चाहिए था कि ऐसी मजबूत कलेजे वाली बहनजी को सीमा पर सेना की महिला बिग्रेड में शामिल होने के लिये भेज दिया जाता। ताकि वे भूखे रहकर भजन करने की अपनी महारत का इस्तेमाल करते हुये वहां सैनिकों की तरह हफते दो हफते कुछ चने और बिस्कुट में दुश्मन फौज को काबू में करके दिखाती। हो सकता है कि उन्हें इस ड्यूटी में इतिहास में अमर स्थान प्राप्त करने का अवसर भी मिल जाता। लेकिन एसडीएम साहब ने सिर्फ उनकों डांटा फटकारा। भले ही एसडीएम साहब ने उनकों कितना भी जलील किया हो। लेकिन बहनजी के बारे में बताया जाता है कि वे संत प्रकृति के हैं। जिससे सांसरिक फजीहत का उन्हें कोई भान नही होता। वे ऐसी फटकार को चिकने घड़े की तरह निकाल देतीं हैं।






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