8a09982e-adfc-4dbd-92f6-5954aa7a2c97 चुनाव के समय सरकार को यह दिखाने की पड़ी है कि दुखी और पीड़ित आमजनों की समस्याओं का निदान प्रशासन के माध्यम से कितनी तेजी से कराया जा रहा है। हालांकि नौकरशाही की संस्कृति आम आदमी को कीड़ा मकोड़ा मानकर उनके चीखने चिल्लाने पर कोई गौर न करने की बन चुकी है और यह ढर्रा अफसर इस समय भी बदलने को तैयार नहीं हैं। जनता में इससे व्याप्त असंतोष और गुस्से की लगातार मिल रही खबरों से चुनाव के इस अपातकालीन मौके पर राज्य सरकार का परेशान होना लाजमी है। इसीलिए अभी तक मौज मस्ती में रही सरकार न्याय चला निर्धन की तर्ज पर अधिकारियों की लगाम कसकर उन्हें पीड़ितों के पास भेजने और उन्हें संतुष्ट करने में जुट पड़ी है। मण्डल के सीनियर अधिकारियों तक को बढ़ती ठिठुरन के इस मौसम में बंगले के रुम हीटर में आराम फरमाने की आदत छोड़कर सरकार के दवाब की वजह से जिलों की धूल फांकने को मजबूर होना पड़ रहा है। भले ही मन ही मन वे इस वाध्यता के चलते सरकार को गालियां देते हुये कोस रहें हों।
इसी क्रम में झांसी मण्डल के अपर आयुक्त सोबरन सिंह यादव ने गुरुवार को जिले का दौरा करने की जहमत उठाई। आज सुबह से घना कोहरा था। फिर भी अपर आयुक्त सबेरे जल्दी ही उरई पहुंच चुके थे। उन्होंने सबसे पहले तहसील में बैठक की। जिसमें लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़े तहसील और नगर पालिका जैसे सवेदनशील विभागों के अधिकारी मौजदू थे। खास तौर से उपजिलाधिकारी सदर अक्षय त्रिपाठी आईएएस, तहसीलदार और पालिका के ईओ रविन्द्र कुमार इनमें थे। उन्होंने इन अधिकारियों के सामने सरकार की मंशा का हवाला देते हुये उन्हें जन शिकायतों के जल्द से जल्द कारगर निस्तारण के लिए निर्देशित किया। उन्होंने अफसरों से साफ कहा कि लोग दूर-दूर से अपना किराया भाड़ा खर्च करके आपको अपनी फरियाद सुनाने आते हैं। यह कतई ठीक नही है कि आप या आपके कर्मचारी उन्हें सीट पर मिलें ही नहीं। उन्होंने कहा कि पीड़ित जनता की अवहेलना नाकाबिले बर्दास्त है। इसलिए वे पहली और अंतिम चेतावनी देकर जा रहे हैं। इसके बाद भी कोई सुधार नजर न आया तो खैर नही होगी।
इसके बाद उन्होंने नगर पालिका में बैठक की। जिसमें खासतौर पर सफाई के मामले में उन्होंने बेहद जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर को साफ-सुथरा दिखना चाहिए। कचरा व्यवस्थित ढंग से उठाने और निस्तारित करने का इंतजाम मुस्दैती से करें।
अपर आयुक्त की बैठक के दौरान कई जत्थे उनसे मिलने पहुंचे। इनमें झुग्गी झोपड़ी में बसर कर रहे लोग थे। जिन्होंने आवासीय योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगाई। नगर पालिका में दैनिक वेतन पर काम कर रहे सफाई कर्मचारियों की एक टोली भी अपर आयुक्त से मिलने आई। इस टोली ने अपर आयुक्त से कहा कि नगर पालिका में नियमित सफाई कर्मचारियों की जो भर्ती होने वाली है। उसमें सर्वोच्च प्राथमिकता पर उन्हें कनसीडर किया जाना चाहिए। जबकि ऐसा नही हो रहा। अपर आयुक्त ने उनके साथ न्याय कराने का आश्वासन दिया।

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