0 किसानों को चेक से भुगतान की शर्त के साथ गल्ला मंडी खुलेगी सोमवार से
0 सचिव ने मांगे सभी व्यापारियों के अकाउंट नंबर्स
0 किसानों को किये गये भुगतान का ब्यौरा भी देना होगा मंडी में
कोंच-उरई। नोटबंदी के बाद से बेमियादी बंदी के दौर से गुजर रही गल्ला मंडी में कामकाज शुरू होने के आसार दिखाई देने लगे हैं। अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो आगामी सोमवार यानी 5 दिसंबर से गल्ला कारोबारी काम पर लौट सकते हैं। जैसा कि आज गल्ला व्यापारी समिति की दो दौर की बैठक के बाद जो निकल कर सामने आया है उसमें यह साफ है कि किसान अपनी जो भी उपज बेचने के लिये मंडी में लायेंगे उन्हें चेक से भुगतान दिया जायेगा। जो किसान चेक से भुगतान नहीं लेने को राजी होंगे उनका माल बिकने में दिक्कतें आ सकती हैं। मंडी खोलने को लेकर कुछ की हां तो कुछ की ना के बीच अंततः कारोबार शुरू करने का फैसला ले लिया गया। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल ने बताया कि बैठक में लिये गये निर्णय से मंडी प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है।
मोदी के नोटबंदी के 8 नवंबर के फैसले के बाद से कैश की विकट समस्या सामने आने के बाद कोंच के गल्ला व्यपारियों द्वारा 13 नवंबर से बेमियादी मंडी बंदी की घोषणा करके कामकाज ठप कर दिया था जिसके बाद से न केवल छोटे आढतिया बल्कि बड़ी संख्या में किसान भी बुरी तरह से प्रभावित हैं। किसान अना माल बेच नहीं पा रहा है जिसके चलते उसके सामने घरेलू खर्च के अलावा अन्य खर्चे करने में भी भारी दिक्कतें पेश आ रहीं हैं। बीच में एक दिन मंडी खुलने की घोषणा गल्ला व्यापारी समिति ने की भी थी लेकिन व्यापारियों ने उस फैसले को मानने से इंकार कर दिया था और मंडी खुलने से पहले ही एक बार फिर बंद हो गई थी। गुरुवार को गल्ला व्यापारी समिति ने मंडी सचिव डॉ. दिलीपकुमार वर्मा के साथ और अलहदा से भी व्यापारियों के साथ बैठक करके नोटबंदी से आ रही दिक्कतों के बीच कुछ शर्तों के साथ मंडी खोलने पर रजामंदी दी है। मंडी सचिव के साथ हुई बैठक में उनकी शर्तें जानने की भी कोशिश व्यापारियों ने की तो मंडी सचिव डॉ. दिलीप वर्मा ने कहा कि भारत सरकार के सर्कुलर में आया है कि सभी व्यापारियों के बैंक खाते उन्हें चाहिये और किसानों को चेक या नकद किस तरह का भुगतान दिया गया है, उसका ब्यौरा मंडी को उपलब्ध कराना होगा। इस दौरान गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल, मंत्री धु्रवप्रताप सिंह, उपाध्यक्ष राममोहन रिछारिया, विनोद दुवे, नवनीत गुप्ता, राजीव पटेल, अखिलेश बबेले, विजय गुप्ता, अंशुल मिश्रा, राजेश मिश्रा, संतोष विदुआ, श्यामू दुवे, सुरेश तिवारी, प्रेमनारायण राठौर, चंद्रशेखर लोहिया, विनय अग्रवाल, राजाराम पठान, बबलू मोंठ वाले, छोटे अग्रवाल सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।
किसानों व्यापारियों को नया चलन सीखना होगा-मंडी सचिव
गल्ला मंडी बंदी को किसी भी समस्या का हल मानने से इंकार करते हुये मंडी सचिव डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने कहा है कि इससे न केवल सरकारी राजस्व बल्कि किसानों और व्यापारियों के अलावा मजदूरों का भी काफी नुकसान है और कारोबार बंद होने के कारण इन सभी के सामने समस्यायें खड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा है कि नोटबंदी के बाद जो नई चीजें निकल कर सामने आ रहीं हैं उनमें न केवल व्यापारियों बपितु किसानों को भी पुराने ढर्रे से बाहर निकल कर नये चलन के बारे में सीखना होगा तभी जिंदगी की गाड़ी पटरी पर दौड़ सकेगी।






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