0 शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह चैपट करने में लगे
कोंच-उरई। समग्र गाॅव विकसित प्रदेश बनाने के लिये उ.प्र. सरकार के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कृत संकल्पित है यही वजह है कि जिलाधिकारी से लेकर सभी अधिकारीगण गाॅव गाॅव जाकर चैपाले लगा रहे है और समस्यायें सुन रहे है ये बात अलग है कि समस्याओ का निदान नही हो पा रहा है निदान के नाम पर केवल औपचारिकता निभायी जा रही है यही वजह है कि ग्रामीण जन चैपालों में रुचि नहीं ले रहे है। अभी हाल ही में स्थानीय प्रशासन ने न्यायपंचायत कैलिया के ग्राम देवगाॅव व पीपरी कलां सलैया बुजुर्ग में लगायी चैपाल जिसमें विद्युत राशन सामग्री सफाई कर्मी स्वास्थ्य कर्मी संबंधी जानकारियाँ ली शिक्षा विभग के बारे में भी बात आयी पर बात को आयी गई कर दी गई क्योंकि नजारा सबके सामने था जहाँ चैपाल लगाई गयी थी ठीक बगल के कमरे में बच्चों को आवारा जानवरो की तरह हांका जा रहा था 89 बच्चें मात्र एक अध्यापक बुला रहे थे यह जानपते हुये कि कक्षा 1 से लेकर 5 तक के लिये मात्र एक अध्यापक यहाॅ तैनात किये है बच्चों की शिक्षा की स्थिति क्या होगी स्वयं ही अन्दाजा लगाये जा सकता है आगे ग्राम पीपरी कलां के प्राथमिक विद्यालय में लगायी गई चैपाल यहाॅ का नजारा और अजीब था यहाँ 129 छात्र/छात्राओं के लिये मात्र एक अस्थायी अध्यापक तैनात किया गया जबकि यहाॅ आलरेडी दो अध्यापको की नियुक्ति है लेकिन खण्ड शिक्षाधिकारी की कृपा जो बरस रही है। इसके पहले भी यहाॅ प्रेरक शिक्षक की जगह पढ़ाते पकड़ा गया था पर खण्ड शिक्षा अधिकारी विजय बहादुर के रहते यहाँ कुुछ नहीं हुआ सलैया बुजुर्ग में लोगो ने बताया कि यहाँ पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षक को तो खण्ड शिक्षा अधिकारी बी.आर.सी. पर तैनाती दिखाकर अपना चालक बनाये हुये है इसी के माध्यम से सेटिंग गेटिंग का मामला चलता है कैसे हो समग्र गाॅव विकसित प्रदेश।






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