उरई। संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा प्रति वर्ष 3 दिसंबर को मनाये जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर डाॅ. कुमारेंद्र सिंह सेंगर के नेतृत्व में जागरूकता वाहन का भ्रमण कराया गया। जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी कार्यालय प्रांगण में तहसीलदार सदर ने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज में दिव्यांगजनों के उत्थान हेतु सभी को आगे आने की आवश्यकता है। दिव्यांगजनों में कई बेहद प्रतिभाशाली हैं लेकिन गलत सोच की वजह से भेदभाव का शिकार बनाकर उन्हें कुंठित किया जा रहा है। जागरूकता अभियान के माध्यम् से दिव्यांग जनों के प्रति समाज की सोच को सकारात्मक बनाने की सार्थक कोशिश होगी।
जागरूकता वाहन में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों के लिए आरंभ किये गये सुगम्य भारत अभियान के मुख्य-मुख्य बिंदुओं को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा। इसके साथ-साथ संयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा इस वर्ष के आयोजन की थीम भविष्य के लिए सत्रह लक्ष्यों को प्राप्त करना को भी जनता के बीच प्रचारित किया गया।
डाॅ. कुमारेंद्र सिंह सेंगर विगत कई वर्षों से सामाजिक कार्यों से बढ़चढ़ कर भागीदारी करते आये हैं। उनके द्वारा विगत कुछ वर्षों से विकलांग शक्ति नाम से राष्ट्रीय अभियान का संचालन किया जा रहा है। युवा सामाजिक कार्यकर्ता डाॅ. कुमारेंद्र सिंह सेंगर ने इस जागरूकता अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि इसका उददेश्य लोगों में यह संदेश देना है कि कोई किसी से कमजोर नही है। खास बात यह है कि जागरूकता वाहन को चलाने वाले बृजेश खुद भी पैरो से दिव्यांग हैं। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या राज, सारिका आनंद, निशा सिंह, डाॅ. कंचन, डाॅ. सुनीता गुप्ता, डाॅ. विश्वप्रभा त्रिपाठी, डाॅ. रिचा पटेरिया, डाॅ. ममता, चित्रांशु, डाॅ. राकेश नारायण द्विवेदी, राजेश मिश्रा, राकेश कुमार, डाॅ. अनुज भदौरिया, सुभाष चंद्रा, गणेश शंकर, बृजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।







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