उरई। मैनपुरी के एक ट्रक वाले के द्वारा लिखाई गई लूट के केस में पुलिस ने असाधारण फुर्ती दिखाई। एडीशनल एसपी सुभाष चंद्र शाक्य ने बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किये जाने का दावा किया। हालांकि पुलिस का दावा कई सवालों से घिरा हुआ है। उसके मुताबिक लूट में बुलेरो जीप का मालिक भी शामिल है। जबकि यह मात्र 20 हजार कुछ रुपये की लूट थी और इसमें उसे सिर्फ पांच हजार रुपये हिस्से में मिले थे। लोग पूंछ रहे है कि क्या बुलेरो मालिक पागल हो गया था जो अपनी गाड़ी के चलते अच्छी खासी हैसियत का मालूम होता है लेकिन उसने पांच हजार रुपये के लिए पुलिस के शिकंजे में फंसने का जोखिम उठा डाला।
एडीशनल एसपी ने बताया कि 6 दिसंबर को मैनपुरी निवासी रविंद्र सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी कि चार अज्ञात लोगों ने उसके ट्रक के आगे बुलेरो गाड़ी लगाकर उससे 20 हजार चार सौ रुपये व दो मोबाइल लूट लिये। चूंकि मामला वर्तमान राज्य सरकार के हृदय स्थल मैनपुरी से जुड़ा हुआ था जिसकी वजह से पुलिस ने युद्ध स्तरीय सतर्कता दिखाई। उनके मुताबिक प्रभारी निरीक्षक कदौरा लालमणि ने सुरागरशी कर बागी फार्म हाउस के आगे हाइवे पर खड़ी कथित लुटेरों की बुलेरो जीप को घेर लिया। इसमें कथित लुटेरों की ओर से फायरिंग हुई और जान की बाजी लगाकर पुलिस ने इस दौरान दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जबकि उनके दो साथी भाग निकले।
उन्होंने प्रेस वार्ता में पेश किये गये तथाकथित बदमाशों के नाम सचिन यादव निवासी ग्राम डामर थाना कुरारा जनपद हमीरपुर और नरेंद्र यादव उर्फ तहुरी निवासी ग्राम पतारा थाना कुरारा जनपद हमीरपुर बताये उनके मुताबिक उनके भागे साथियों के नाम राहुल वर्मा निवासी पतारा और खेरा यादव निवासी डामर शामिल हैं। बदमाशों के पास से 315 बोर के दो तमंचे कारतूस सहित, लूट में प्रयुक्त बुलेरो यूपी 91 ई 3785 और चार हजार रुपये नगद मिले। एसपी ने लूट का खुलासा करने वाली बहादुर टीम को ढाई हजार रुपये इनाम में दे दिये।






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