उरई। पंपों पर आॅन लाइन भुगतान लेकर पेट्रोल, डीजल भरवाने के इंतजाम की कवायद सार्थक सिद्ध नही हो पा रही। सरकार के दबाव की वजह से पंप मालिकों ने आॅन लाइन भुगतान लेने की व्यवस्था सजावटी तौर पर तो कर ली है लेकिन इस पर अमल करने के इच्छुक वे व्यवहारिक कठिनाईयों की वजह से मालूम नही होते।
शहर के कुछ पेट्रोल पंपों का सर्वे इसके लिए किया गया। पेट्रोल लेकर आये स्कूटी सवार विनय दिवाकर ने बताया कि जब उन्होंने पंप के कर्मचारियों से कार्ड से भुगतान करने की बात कही तो कर्मचारियों ने उनसे कम से कम पांच सौ रुपये का पेट्रोल लेने को कहा। विनय दिवाकर ने कहा कि पांच सौ का पेट्रोल कोई स्कूटी सवार नही लेगा। चखचख बढ़ने पर पंप मालिक बात करने के लिए बाहर निकल आये और उन्हें समझाने लगे कि आॅनलाइन पेमेंट लेने में इतना खर्चा है कि कम पेट्रोल देने से उन्हें कोई मुनाफा नही बचेगा। इसलिए यह व्यवस्था केवल पांच सौ रुपये से अधिक का पेट्रोल भरवाने वाले को ही मुमकिन है।
अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह के जबाव दिये गये। आॅन लाइन भुगतान के चक्कर में जो दुपहिया सवार कैश डालकर नही लाये थे उन्हें सरकार को कोसते हुए पंपों से बैरंग लौटना पड़ा।

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