उरई। जनपद में नोटबंदी से पैदा हुए आर्थिक हालात दिनो दिन बिगड़ते जा रहे है तीनों दिनों की छुट्टी के बाद आज बैंक खुलते ही पैसो निकालने वाले लोगों का बैंकों के सामने हुजूम उमड़ पड़ा सुबह से ही लाइन में लगे लोगों को जब बैंकों ने कैश न होने की जानकारी दी तो फिर लोगों को गुस्सा भड़क उठा और यहां जेल रोड यूपी ग्रामीण इलाहाबाद बैंक के सामने लोगों ने जाम लगा दिया।
नोटबंदी के बाद से बैंकों व एटीएम के बाहर लोगों की लाइनें कम नही हो पा रही थी तीन दिनों के बाद आज जैसे ही बैंक खुले उसके पहले सुबह से ही लोग बैंकों के बाहर पैसा निकालने के लिए एकत्रित हो गए थे। ग्रामीणों क्षेत्रों की बैंकों में नगदी के अभाव के चलते आज भी ज्यादातर बैंक ठप्प रहे। यहां एचडीएफसी एटीएम से पैसा निकालने आए ग्राम खकसीस निवासी रिंकू का कहना था कि बंगरा माधौगढ क्षेत्र के बैंकों में तीन दिनों की छुट्टी के बाद भी कैश का अभाव है जिसके चलते उन्हें जिला मुख्यालय उरई आना पड़ा और ऐसा नही लगता इतनी बड़ी लाइन के बाद उन्हें पैसा मिल ही जाएगा। स्टेट बैंक उरई के एटीएम से पैसा निकालने आए ग्राम पंचायत खांखरी के प्रधान का आरोप था कि वह पिछले कई दिनों से पैसे के चक्कर में आ रहे है लेकिन स्टेट बैंक का एटीएम भी कुछ ही समय बाद जबाव दे जाता है जिसके कारण वह घर के खर्च के लिए भी पैसा नही निकाल पा रहे है। आज जेल रोड पर स्थित यूपी ग्रामीण इलाहाबाद बैंक के सामने सुबह से सात बजे से ही लाइन में लगे लोगों का गुस्सा तब भड़क उठा जब उन्हें बैंक अधिकारियों ने बताया कि बैंक में पैसा उपलब्ध नही है जिससे नाराज होकर लोगों ने रोड जाम कर लिया बाद में मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद उन्होंने जाम खोला। जनपद में सबसे अधिक खराब स्थिति डाकघरों एवं उपडाकघरों की है जहां नोटबंदी के बाद से खातेदार चक्कर लगा रहे है लेकिन उन्हें हजार रुपये भी नसीब नही हो पा रहे है ग्रामीण क्षेत्रों की हालत तो और भी खराब है।






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