img-20161213-wa0301उरई। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश निरंजन भैया जी का कहना है कि नोटबंदी की सबसे बुरी मार किसानों पर पड़ी है। उन्होंने कहा कि जिले में मटर किसान अपनी उपज कैश में पूरा पेमेंट न मिलने की वजह से बेच नही पा रहे जिससे इसकी कीमत लागत से भी नीचे हो गई है। उन्होंने नोटबंदी के फैसले को पूरी तरह तुगलकी बताया और कहा कि मोदी सरकार को इसका गंभीर खामियाजा भोगना पड़ेगा।
सुरेश निरंजन भैया जी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने नोट बंदी के बचाव में लोगों को स्वच्छ अर्थव्यवस्था के जो सब्जबाग दिखाये थे उनकी असलियत आम लोगों के ही सबसे ज्याद परेशान होने की वजह से सामने आ गई है। भैया जी ने कहा कि नोटबंदी ने न तो काला धन बाहर किया और न ही किसी धन्ना सेठ को हवेली से निकालकर सड़क पर खड़ा कर पाया है। लेकिन इसके नतीजों की वजह से किसान और मजदूर बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। उसके सामने भुखमरी का संकट मड़राने लगा है।
उन्होंने कहा कि पीएम ने नोटबंदी के कारण फैली अफरा-तफरी को संभालने और अच्छे दिन लाने के लिए 50 दिन की मोहलत मांगी है। इसलिए वे यह म्याद पूरी होने तक कोई आंदोलन छेड़कर उन्हें कुछ कहने का मौका नही देना चाहते। पर 50 दिन पूरे होने के बाद जदयू समान सोच के अन्य दलों के साथ आंदोलन का आवाहन करेगा। उन्होंने कहा कि जो फीडबैक मिल रहा है उसके मुताबिक नोटबंदी को लेकर आम लोगों की किसी भी तरह की खुशफहमी पूर्णरूपेण चकनाचूर हो चुकी है। विपक्ष के आंदोलन के आवाहन करते ही इतनी भीड़ विरोध में उमड़ सकती है कि जिसकी हम लोग कल्पना तक नही कर पायेंगे।

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