उरई, : कैशलेस व्यवस्था को अपनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को विकास भवन सभागार में अधिकारियों, आंगनबाड़ी, आशा बहू, ग्राम पंचायत अधिकारियों और त्रिवेणी केंद्र संचालकों को कैशलेश भुगतान के पांच तरीके बताये गये। प्रशिक्षकों ने कहा कि सरकार ने सभी की सुविधा के लिए इसे लागू किया है। लोगों को इसकी आदत डालनी चाहिए।

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बुधवार को विकास भवन सभागार में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी कृष्ण मोहन, सीएससी-एसपीवी लखनऊ के प्रबंधक मनदीप ¨सह ने डेबिट कार्य, मोबाइल, यूपीआई, आधार कार्ड, ई वौलेट के माध्यम से भुगतान करने के तरीके विस्तार से बताये। इसके साथ ही बताया गया कि जनधन खातों के लिए भी एटीएम कार्ड बनवाये जा रहे हैं। गांवों में दुकानदारों, व्यापारियों, छात्र छात्राओं व ग्रामीणों को प्रशिक्षित करने के लिए मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। जो सीएससी त्रिवेणी के माध्यम से लोगों को ई भुगतान के बारे में जानकारी देगा। त्रिवेणी संचालक 40 ग्रामीण व शहरी तथा 10 दुकानदारों को बैच बनाकर प्रशिक्षण देगा। जिसके लिए संचालक को 1600 रुपये दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। जो त्रिवेणी केंद्र संचालक कैश लेश जागरुकता का अच्छा कार्य करेंगे उनको एक लाख तक की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान भारत सरकार के सीएससी- एसपीवी द्वारा किया गया है। इस मौके पर एसडीएम सदर अक्षय त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आलोक यादव, सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार मिश्रा, सीएमओ डा. आशाराम, सहायक सूचना विज्ञान अधिकारी अशोक सक्सेना सहित बड़ी संख्या मं लोग उपस्थित रहे।

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