0 अब पिछड़ा वर्ग को जोड़ने पर जोर देगी बसपा
cropped-27c0e33e-70ae-40cd-b9cb-6e01381eb0ce11.pngउरई। आसन्न विधान सभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी भी विधान सभा में बहुमत पाने के लिए अब पूरा फोकस पिछडे़ वर्ग पर करने जा रही है। इसके लिए जल्द ही जिला मुख्यालय उरई पर पिछड़े वर्ग की सम्मेलन होगा जिसमें पिछड़े वर्ग की प्रत्येक जाति के लोगों को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देने के साथ ही जनपद में पिछड़े वर्ग के बीच व्यापक संपर्क अभियान भी चलाएगी। इसके लिए 17 दिसम्बर को बहुजन समाज पार्टी की जानकी पैलेस उरई में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। जिसमें जनपद के सभी पदाधिकारियों केसाथ ही विधान सभा, सेक्टर के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों के अलावा सामाजिक भाईचारा के पदाधिकारियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। जिसमें बुंदेलखंड कोआर्डीनेटर लालाराम अहिरवार ने मौजूद रहेगे।
यहां जारी विज्ञप्ति में बहुजन समाजपार्टी के जिला महासचिव हीरालाल चैधरी ने जनपद के सभी पदाधिकारियों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों, विधान सभा, सेक्टर के वर्तमान एवं पूर्व अधिकारियों के साथ सामाजिक भाईचारा संगठनांे के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ताओं से 17 दिसम्बर को जानकी पैलेस में हो रही जिला स्तरीय बैठक में शामिल होने की अपील की है।
पार्टी के अन्य सूत्रों की माने तो बहुजन समाज पार्टी अपना पूरा जोर पिछड़े वर्ग को पार्टी से जोड़ने पर दे रही है। क्योंकि बसपा की स्थापना के बाद से दलित पिछड़ा एवं मुस्लिम वर्ग के वोटों की एकजुटता ने उसे सत्ता के शिखर तक पहुंचाया था प्रदेश में जिस तरह के राजनैतिक हालात पैदा हो चुके है ऐसे में बसपा भी पिछड़े वर्ग को अपने पाले में खींचने के लिए कोई कसर नही छोड़ना चाह रही है। इसके लिए प्रदेश भर में जिला स्तर पर पिछड़े वर्ग के जिला स्तरीय सम्मेलन कराने के निर्देश बसपा सुप्रीमो मायावती के द्वारा दिए गए है। इन सम्मेलनों के जरिये बहुजन समाज पार्टी फिर से अपना पूरा फोकस पिछड़े वर्ग पर देगी। इसके लिए पिछड़े वर्ग की प्रत्येक जाति से हर गांव में पांच-पांच सक्रिय कार्यकर्ता भी तैयार किए जाएगे। इसके अलावा पिछड़े वर्ग की सामाजिक भाईचारा कमेटियों को मजबूत कर उन्हें जिला स्तर से लेकर गांव तक भागेदारी देने की योजना पर बसपा काम कर रही है। सूत्रों की माने तो पिछड़ा वर्ग का सम्मेलन आगामी 28 दिसम्बर को जिला मुख्यालय उरई पर हो सकता है। जिसमें प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र से पिछडे़ वर्ग के पांच-पांच हजार कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो फिर आगामी विधान सभा चुनाव में बसपा पिछड़ा वर्ग एवं मुस्लिम वर्ग पर काट खेल सकती है इसके लिए जनपद की दोनो अनारक्षित सीटों का पिछड़ा एवं मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा जा सकता है।

Leave a comment