img-20161215-wa0525उरई। कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक संतराम नीलांचल शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान यात्रा के जिले में संचालन के बाद गांव-गांव में अपनी पहचान की छाप छोड़ने में सफल रहे हैं इसलिए वे इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में आ गये हैं। पत्रकार दीपक शर्मा ने उनसे राजनीतिक योजनाओं को लेकर लंबी बातचीत की। जिसमें उन्होंने बेबाकी के साथ सवालों के जबाब दिये। नीलांचल ने कहा कि पार्टी द्वारा किसी दूसरे दल के साथ गठबंधन की किसी योजना की जानकारी उन्हें नही है। जनपद में तीनो विधानसभा सीटों पर पार्टी ने मजबूत तैयारी की है और इस बार अलग ही परिणाम देने का हौसला जिले के कांग्रेसजन संजोये हुए हैं।
प्रश्न-कांग्रेस हाईकमान की समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत विधानसभा चुनाव के लिए चल रही है। ऐसे में कांग्रेस को एक-दो सीट पर ही जोर आजमाइश का मौका मिलने का अनुमान है। तो जिले में आप के मुताबिक कौन सी एक सीट है जिस पर कांग्रेस दांव लगाना मुनासिब समझेगी?
उत्तर-जिले के कांग्रेसजनों को गठबंधन की कोई सूचना नही है। हम लोग तो तीनों सीटों पर मुख्य मुकाबले की तैयारी में जुटे हैं।
प्रश्न-दलित वोट बैंक एक जमाने में कांग्रेस का बेस था लेकिन आज यह वोट बैंक बसपा की जागीर बन चुका है। कांग्रेस में दलित वोट बैंक की वापसी का मंसूबा पूरा करने के लिए अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक के नाते आपने क्या प्रयास किये?
उत्तर-दलितों को बसपा जैसे दलों ने गुमराह किया। आज सच्चाई उनको समझ में आ रही है। बाबा साहब के सपनों के मुताबिक दलितों का सशक्तीकरण कांग्रेस की सरकारों ने ही नये-नये कानून और कार्यक्रम बनाकर किया था। दूसरे दलो में छले जाने के बाद वे कांग्रेस में तेजी से वापस लौटने लगे हैं।
प्रश्न-कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जनपद में भी सघन किसान यात्रा निकालकर खाट सभाएं की जिसे लेकर लोगों में यह धारणा बनी हुई है कि राहुल के कार्यक्रम में केवल उन्हें देखने के लिए लोग आये थे लेकिन पार्टी को उनके कार्यक्रम से कोई सार्थक लाभ नही मिला है। इस बारे में आपकी राय क्या है?
उत्तर-राहुल जी ने तीनों विधानसभाओं में फोकस किया और उनके कार्यक्रमों का चमत्कारिक असर हुआ। कांग्रेस जिले की हर विधानसभा सीट पर मजबूत स्थिति में नजर आने लगी है। वास्तव में उनका दौरा जिले में मृत पड़ी पार्टी के लिए संजीवनी बनकर आया है।
प्रश्न-लेकिन जनपद में गुटों में बटी कांग्रेस नौ कनौजिया दस चूल्हे की हालत में है। ऐसे में संगठन चुनाव में क्या फायदा ले पायेगा?
उत्तर-आपका यह अनुमान गलत है। जनपद मेें कांग्रेस पार्टी के अंदर किसी भी तरह की गुटबाजी नही है। चुनाव में सब लोग एक साथ दिखेगें और 27 साल यूपी बेहाल के नारे के तहत जंग को जीतने में सफल होगें।
प्रश्न-जनपद कांग्रेस के तमाम फ्रंटलों में पदाधिकारी तक नियुक्त नही हुए हैं। बूथ स्तर तक की तो बात दूर गांव और वार्ड में भी कांग्रेस का संगठन नही रह गया। आप चुनाव जीतने के नाम पर कोई सब्जबाग तो नही देख रहे?
उत्तर-हमारे सारे फ्रंटल मजबूत हैं। हर बूथ पर 100-100 बूथ की तैनाती हमारी पार्टी में की जा चुकी हैं। जिले में कांग्रेस का संगठन इतना सघन और प्रभावशाली है कि सभी पर भारी पड़ेगा।
प्रश्न-उरई सदर की सीट पर इसके सुरक्षित होने के बाद कांग्रेस का जैसे वजूद ही खत्म हो गया है। उधर आपका नाम भी दावेदारी में लिया जा रहा है। क्या आप वास्तव में उरई सीट के बारे में गंभीर चिंतन कर रहे हैं?
उत्तर-उरई सीट पर पार्टी का इस बार जबर्दस्त फोकस हैं। जहां तक मेरा सवाल है मैं एक गरीब कांग्रेस कार्यकर्ता का बेटा हूं। मेरे पिता श्री भगवान दास जी रजक हर चुनाव में कांग्रेस का बस्ता बूथों पर ले जाते रहे हैं। इस कारण अगर पार्टी ने मुझे मौका दिया तो उनकी विरासत की वजह से मुझे गांव-गांव तक तेजी से कांग्रेसजनों को संजोने की प्रवीणता रहेगी।
प्रश्न-कांग्रेस पार्टी के बारे में यह माना जाता है कि इस पार्टी में सबसे अंत में प्रत्याशी तय होता है जिसकी वजह से उसे कार्य करने का पूरा अवसर नही मिल पाता?
उत्तर-कांग्रेस पार्टी में टिकटों की बिक्री नही होती इसलिए उम्मीदवार काफी ठोंक बजाकर तय किया जाता है लेकिन प्रत्याशी तो मात्र चेहरा है चुनाव तो संगठन लड़ता है और कांगेस का संगठन हमेशा गियरअप रहता है।
प्रश्न-आप जालौन टाइम्स के माध्यम् से जिले के लोगों से कुछ और कहना चाहेंगे।
उत्तर-जालौन टाइम्स जिले के युवा मानस की सोच का प्रतीक है। जालौन टाइम्स के माध्यम् से उन लोगों से मेरा यही कहना कि वे महसूस करें कि कांग्रेस ने देश और प्रदेश को आगे ले जाने का कितना काम किया है और दूसरों के आने पर इसमें कितनी रुकावट आई है।

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