उरई। आगामी विधान सभा चुनाव में विकास कार्यो के दम पर फिर से सत्ता में आने का मंसूबा बांध रही प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार उरई जालौन सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र से भी प्रत्याशी में बदलाव कर सकती है। क्योंकि समाजवादी पार्टी का आम कार्यकर्ता भी सदर विधायक दयाशंकर वर्मा को उरई सुरक्षित क्षेत्र से जिताऊ प्रत्याशी नही मानते है।
पार्टी सूत्रों की माने तो समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा कार्यकर्ताओं से जो फीडबैक मांगा गया है उसमें उरई जालौन सुरक्षित विधान सभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित सदर विधायक दयाशंकर वर्मा की स्थिति काफी कमजोर मानी गई है। चूंकि समाजवादी पार्टी इस समय ऐसी सीटों को चिन्हित करने में भी लगी है जहां उसके प्रत्याशी की स्थिति कमजोर है यहीं वजह है कि हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा कई सिटिंग विधायक एवं पार्टी के द्वारा घोषित अधिकृत प्रत्याशियों को बदल दिया गया है। जिसमें जनपद जालौन की माधौगढ एवं कालपी विधान सभा क्षेत्र से भी पूर्व में घोषित प्रत्याशियों के स्थान पर नये प्रत्याशी अधिकृत किए गए है। माधौगढ विधान सभा क्षेत्र से जहां पिछले एक साल से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी लाखन सिंह कुशवाहा चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे उनके स्थान पर पार्टी के हैवीवेट मंत्री और मुलायम दरवार के खास कहे जाने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति की सिफारिश पर विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन के पति आरपी निरंजन को प्रत्याशी घोषित किया गया है तो कालपी विधान सभा क्षेत्र से कानपुर देहात के निवासी एवं मलासा ब्लाक प्रमुख आकांक्षा सिंह के पति अनूप कुमार सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। जहां तक उरई जालौन विधान सभा क्षेत्र की बात करे तो सदर विधायक दयाशंकर वर्मा की कार्यप्रणाली से क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ता खुश नजर नही आ रहे है चर्चा तो यह भी है कि दयाशंकर वर्मा का टिकट कटना लगभग तय है। पार्टी हाईकमान के पास विधायक दयाशंकर वर्मा की कार्यकर्ताओं के बीच शोहरत का जो फीडबैक पहुंचा है उसमें यह माना जा रहा है कि सत्ता विरोध लहर से पार पाना दयाशंकर के लिए आसान नही है और वह पिछले साढे चार सालों में कार्यकर्ताओं एवं आम मतदाताओं के बीच ऐसी कोई छाप नही छोड़ पाए जिससे पार्टी का आम कार्यकर्ता भी उनसे कटता नजर आ रहा है।







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