0 दुर्गाप्रसाद की तहरीर को रद्दी की टोकरी क्यों डाला गोहन पुलिस ने
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उरई। गोहन थाने में करीब आठ महीने के बाद दर्ज की गई दुर्घटना की प्राथमिकी पुलिस कर्मियों की दुर्भावना से प्रेरित कही जा रही है। क्योंकि मई माह हुई इस दुर्घटना में चोटिल हुए युवक ने शराब के नशे में सड़क के किनारे खड़ी टैम्पो में अपनी मोटर साइकिल ठोक दी थी जिसमें टैम्पो चालक द्वारा शराबी युवकों के खिलाफ गोहन थाने में तहरीर भी दी गई थी लेकिन घटना के आठ महीने बाद एफआईआर के औचित्य पर सवाल खड़े हो गए है।
यहां उल्लेखनीय है कि थाना एवं कस्बा गोहन निवासी दुर्गा प्रसाद पुत्र गंगाप्रसाद के द्वारा 24 मई 2016 को गोहन थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया था जिसे पुलिस ने उसी रोज साढे 12 बजे दिन रपट संख्या 22 के रूप में दर्ज किया था। इस तहरीर में दुर्गा प्रसाद ने अवगत कराया था कि उसका लड़का आशीष अपनी टैक्सी से अपने बहिन को लिबाने गुपलापुर गया हुआ था ग्राम लोधीपुरा के समीप सड़क के किनारे टैम्पो खड़ा करके वह पेशाब करने लगा कि तभी पीछे से शराब के नशे में धुत होकर आए मोेटर साइकिल सवार संजीव पुत्र रामप्रकाश बाल्मीकि एवं रोहित पुत्र मुन्नालाल ने पीछे टैम्पो में टक्कर मार दी थी जिससे टैम्पो को नुकसान भी पहुंचा था दुर्गा प्रसाद ने थाने को दी गई तहरीर में शराबी युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तब गोहन थानाध्यक्ष के द्वारा दोनो पक्षों को थाने बुलाकर समझौता भी कराया गया था इस पर टैम्पों में पीछे से मोटर साइकिल में टक्कर मारने वाले घायल युवक को उपचार के लिए धनराशि भी दिलाई गई थी और मामला रफा दफा कर दिया गया था। जिसकी जानकारी पूरे थाने के पुलिस कर्मियों को भी थी। लेकिन गत 13 दिसम्बर 16 को गोहन थाना पुलिस ने संजीव के पिता रामप्रकाश पुत्र बाबू निवासी गुपलापुर की तहरीर पर गोहन निवासी टैम्पो चालक आशीष पुत्र दुर्गाप्रसाद के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 224 धारा 279,337,338 के तहत मामला दर्ज किया है। सवाल उठता है कि अगर पुलिस को समझौते के बाद भी कार्यवाही करनी थी तो फिर घटना के आठ महीने बाद एफआईआर क्यों लिखी गई और अगर दुर्गाप्रसाद के द्वारा 24 मई को दी गई शराबी युवकों के खिलाफ तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज क्यो नही की गई। पीड़ित दुर्गाप्रसाद ने पुलिस अधीक्षक का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के साथ ही उनके द्वारा आठ महीने पहले दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।







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