उरई। रामपुरा में इटावा के अवैध खनन करने वाले माफिया के 28 ट्रक जब्त करने की गुस्ताखी गाज बनकर एसओ पर गिर गई है। उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। बृजनेश यादव माधौगढ़ कोतवाली से रामपुरा में नये थानाध्यक्ष बनाकर भेजे गये हैं।
बिल्हौड़ में सिंध नदी से इटावा के माफिया बालू उठा रहे थे। गत् दिनों जब इन माफियाओं में गैंगवार छिड़ गया और काफी देर तक फायरिंग होती रही उसके बाद पुलिस खबरदार हुई। अखबारों में भी इसकी खबर सुर्खियों में छपी नतीजतन जिले के अधिकारियों ने रामपुरा थानाध्यक्ष की नकेल कसी। इसके चलते एसओ प्रभुनाथ ने लाव-लश्कर के साथ बिल्हौड़ घाट पर धावा बोल दिया। हालांकि उनकी हिम्मत किसी माफिया को पकड़ने की तो नही हुई लेकिन उन्होंने मौके से 28 खाली ट्रक जब्त कर लिए। जिन्हें छोड़ने के लिए काफी दबाव डाला गया। प्रलोभन भी दिये गये। इसके बावजूद एसओ ने अवैध खनन का मामला अदालत के पाले में होने के कारण संवेदनशीलता के मददेनजर सारी पेशकशें ठुकरा दीं।
उम्मीद यह थी कि इस कार्रवाई को लेकर अधिकारी पीठ थपथपाकर उन्हें शाबाशी देंगे। लेकिन सत्ता के गलियारों से जब अधिकारियों को फटकार सुननी पड़ी तो उनकी होश गुम हो गये। नतीजतन प्रभुनाथ को लाइन हाजिर कर शुक्रवार को थाने की बागडोर माधौगढ़ कोतवाली के सेकंड अफसर बृजनेश यादव को सौपने का आदेश जारी हो गया।
हालांकि कुछ लोग यह भी बता रहे हैं कि रामपुरा थानाध्यक्ष के लाइन हाजिर होने का कोई संबंध अवैध खनन में संलग्न ट्रकों की जब्ती कार्रवाई से नही है। ऊमरी में रंगदारी वसूली के लिए फायरिंग का किस्सा डायल-100 के जरिये ऊपर तक पहुंच जाने के बाद एसपी का रुख यह जानकर प्रभुनाथ के लिए खड़ा हो गया कि उन्हें पीड़ित ने दस दिन पहले तहरीर दे दी थी फिर भी दबंग हरीओम उपाध्याय के खिलाफ उन्होंने कोई कदम नही उठाया था। एसपी ने इसी नाते उनको लाइन का रास्ता दिखा दिया।





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