0 निधियों में कमीशनखोरी बंद होनी चाहिए
0 चुनाव सुधार पर प्रत्याशी व टिकटार्थियों ने रखे अपने विचार
17orai03 17orai04उरई। एडीआर व यूपी इलेक्शन वाच के संयुक्त तत्वावधान में जालौन जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों व टिकटार्थियों का चुनाव सुधार पर दृष्टिकोण विषयक संगोष्ठी के दौरान यह संकल्प लिया गया कि धनबल व बाहुबल से परहेज के बिना चुनाव सुधार की बात बेमानी है। इसलिए वे प्रजा को प्रभु मानकर कम से कम खर्चें में चुनाव लडने का प्रयास करेंगे।
स्टेशन रोड स्थित सिटी सेंटर में आयोजित संगोष्ठी में कालपी विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सरसेला ने कहा कि आज धनबली चुनाव में हावी हो रहे हैं। वे पैसे के बल पर टिकट खरीदकर जनता को जनता के धन को लूटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टियां जनता पर प्रत्याथी थोपे नहीं बल्कि जनता की राय पर ही प्रत्याशी को टिकट दें। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल यादव दादी ने कहा कि राजनीति इस समय संक्रमण के दौर में है। समर्पित लोग चुनाव से दूर होते जा रहे हैं। हम एक दूसरे को नसीहत देने की बजाय खुद से सुधार की शुरुआत करें। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह मुन्नू ने कहा कि अच्छे भाषण व धरातल पर काम दो अलग अलग पहलू है। एक दूसरे की कमियां निकाली जा रही है। किसमें कमी है। इसका निष्कर्ष निकालना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज निधियों में कमीशन न लेने के संकल्प की जरुरत है।
पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि पर उपदेश कुशल बहुतेरे। यदि प्रयास बंद कर दिए तो आशा ही समाप्त हो जाएगी। जनता ने नेताओं को कोसने का काम किया है। सामाजिक कुरीतियां भी राजनीति में हावी हो रही है। खुशबू व बदबू समाज से छिप नहीं सकती है। एडीआर का यह कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय है। लोककला विशेषज्ञ अयोध्या प्रसाद गुप्त कुमुद ने कहा कि चुनाव सुधार के लिए यदि किसी प्रत्याशी को तीन चुनावों में वैध मतों का दस प्रतिशत से भी कम मत मिला हो तो उसे चुनाव लडने से रोका जाए। जदयू महासचिव आमीन खां ने कहा कि दल व प्रत्याशी को अपना एजेंडा ईमानदार रखना चाहिए। शीर्ष नेतृत्व को भी ईमानदार रहना जरुरी है। जनता ही सुधार लाने का काम करेगी।
पीएचडी एसोसिएशन के पदाधिकारी डा. कुमारेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि आज समाजसेवा के नाम पर राजनीति में आने वाले प्रत्याशी जीतने के बाद क्या काम करते हैं। यह किसी से छिपा नहीं है। उरई विधानसभा क्षेत्र से टिकटार्थी अनीता सोलंकी ने कहा कि प्रत्याशी की संपति की बजाय उसकी कार्यक्षमता के आधार पर टिकट दिया जाए। आप पार्टी के जिला संयोजक दीनदयाल काका ने कहा कि यदि समाजसेवा के नाम पर चुनाव लडने की बात कहने वाले प्रत्याशी की चुनाव के पूर्व व बाद की संपति बढने पर प्रत्याशिता समाप्त होनी चाहिए। समाजसेवी राजेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि चुनाव सुधार के लिए कानूनों का सख्ती से पालन बहुत जरुरी है। समाजवादी चिंतक अशोक गुप्ता ने कहा कि आज चुनाव पराक्रम का नहीं परिक्रमा का हो गया है। दल में सब दलदल हो रहे हैं। सुबह और शाम के बीच नेता पार्टी बदल लेते है। युवाओं को इसके लिए आगे आना होगा। महिला नेत्री अनीता वर्मा ने कहा कि राजनैतिक गुरु अपने चमचों को टिकट दिलाकर मनमाना काम करते हैं। इसे बदलना चाहिए। अवनीश चंद्र द्विवेदी बब्बुल महाराज ने कहा कि सेवा का अर्थ सच्चे अर्थों में समझकर ही समाजसेवा ही जा सकती है।
सेवानिवृत्त कस्टम एवं एक्साइज कमिश्नर शंभूदयाल ने कहा कि अर्थयुग से ही बाहुबल पैदा होता है। धनबल का प्रयोग रोके बिना चुनाव सुधार संभव नहीं है। चुनाव सुधार के लिए लगातार काम करने की जरुरत है। उन्होंने क्षेत्र में शुगर मिल लगाने की भी वकालत की। कांग्रेस नेता अमित पांडेय ने कहा कि चुनाव खर्च की सीमा का मूल्यांकन बहुत जरुरी है। सेवानिवृत्त बैंककर्मी माताप्रसाद वर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए। शिक्षक नेता हरीशंकर याज्ञिक ने कहा कि सुधार के काम राजसत्ता (ऊपर) से तथा आंदोलन का काम नीचे (जनता) से होना चाहिए। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि प्रजा ही प्रभु होती है। यह वह बखूबी जानते हैं। ऐसे कार्यक्रम से समाज में संदेश जाएगा। शिक्षाविद कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज ने कहा कि सुधार का काम बंधनमुक्त करना है। वर्ग, संप्रदाय, जाति व दल के बंधन में रहकर सुधार नहीं हो सकता है। उन्होंने जनपद का 70 साल बाद भी विकास न होने का ठीकरा राजनैतिक दलों पर फोड़ा।
अध्यक्ष मंडल में शामिल कामरेड कैलाश पाठक व रामकृष्ण शुक्ला व इंद्रजीत यादव ने कहा कि चुनाव सुधार के लिए विचारों का आदान प्रदान बहुत जरुरी है। इस तरह का कार्यक्रम समाज में संदेश देना का काम करता है। ऐसे कार्यक्रम मुहल्लों में होने चाहिए। कार्यक्रम का संचालन यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश समन्वयक अनिल शर्मा ने किया। इस मौके पर एसपी सिंह, भूपसिंह, पुुरुषोत्तम तिवारी, संतराम नीलांचल, चैधरी श्यामसुंदर, रेहान सिद्दीकी, जयशंकर द्विवेदी, नवाब सिंह यादव, दीपक वर्मा, गोपालकृष्ण अवस्थी, राममिलन राजपूत, राम निरंजन, अमित समाधिया, शशि शेखर दुबे, बृजमोहन निरंजन आदि मौजूद रहे। रामकुमार जादौन जिला सहसंयोजक ने सभी का आभार व्यक्त किया।
हमने कही सो टन्ना गए
अपनी बात कहकर जाने वाले वक्ताओं पर तंज कसते हुए शिक्षाविद कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज ने कहा कि अपनी अपनी सुना गए और हमने कही तो टन्ना गए। पर उपदेश कुशल बहुतेरे। कुछ इस तरह के उदाहरण देकर उन्होंने कहा कि नीति व नीयत साफ होनी चाहिए। तभी सुधार हो सकता है।
चुनाव सुधार के लिए यह कदम उठाए जाए
-राजनैतिक दलों का चंदा पारदर्शी हो
-जनता के प्रति जवाबदेही सख्ती से तय हो
-मतदाता का भी प्रोटोकाल होना चाहिए
-तीन साल निर्वाचन क्षेत्र में सेवा का काम किया हो
-विधायक व सांसद निधि बंद होनी चाहिए
-जनप्रतिनिधियों के पेंशन व वेतन आयोग के लिए आयोग बने
-चारों स्तंभों से सवाल पूछने का काम किया जाए
-अपने निर्वाचन क्षेत्र का विकास संबंधी मांगपत्र बनाया जाए

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