0 बुंदेलखंड के तेरह जिलों में जनजागरण करने निकला बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा
0 नारा दिया, बुंदेलखंड राज्य निर्माण का वायदा पूरा करो या थूक कर चाट लो
konch4कोंच-उरई। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष भानु सहाय यूपी और एमपी में विस्तार पा रहे बुंदेलखंड के आम लोगों की लड़ाई लडने के लिये दौरों पर हैं। गुरुवार को अपने कोंच पड़ाव के दौरान उन्होंने कहा कि बर्ष 2010 से लेकर अब तक केन्द्र द्वारा 500 मेगावाट बिजली बुंदेलखंड को दी जा रही है लेकिन राज्य रसकारें बिजली उपभोक्ताओं से उसका पैसा वसूल रहीं हैं। इस प्रकार ये दोनों सरकारें बुंदेलखंड वासियों के हक पर सीधा सीधा डाका डाल रहीं हैं। वे लोगों के हिस्से की धनराशि बापिस उपभोक्ताओं को दिलाने के लिये मुहिम पर निकले हैं। यह बात उन्होंने यहां सभासद अमित रावत के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कही।
बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा अध्यक्ष सहाय ने कहा 1 मई 2010 से आज तक केन्द्र सरकार से उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड के झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा व चित्रकूट तथा सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ व दतिया जिलों को बिजली मुफ्त मिल रही है लेकिन इन दोनों राज्यों की सरकारें इस बिजली का पैसा उपभोक्ताओं से बसूल कर उनके हक को छीन रही है। इन सरकारों ने जनता का 20 हजार करोड़ रुपया डकार लिया है। प्रति उपभोक्ता औसतन 1.70 लाख रुपये उनके बैंक खातों में तत्काल जमा कराने की उन्होंने सरकारों से मांग की है। उन्होंने कहा कि जनता के हक की लड़ाई वह सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे जिसमें उन्होंने बुंदेलियों से सहयोग की अपेक्षा की है। उन्होंने बताया कि वह इस मामले को लेकर जनवरी या फरवरी में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने बाले हैं।
उन्होंने राजनैतिक दलों को भी आड़े हाथों लिया, कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण को चुनावी मुद्दे के रूप में भुनाना इन राजनैतिक दलों का शगल बन गया है। जैसे ही इनके हाथों में सत्ता आती है ये दल अपना वायदा भूल जाते हैं। उन्होंने बसपा की तारीफ करते हुये कहा कि यूपी विधानसभा में उत्तर प्रदेश के बंटवारे का प्रस्ताव पारित करके केन्द्र को भेज कर बसपा ने अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है, जबकि 2014 के लोस चुनाव में केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने बुंदेलखंड राज्य निर्माण का मुद्दा जोर शोर से उठाया था। उन्होंने वायदा किया था कि केन्द्र में सरकार बनने के छह माह के भीतर बुंदेलखंड राज्य निर्माण के पक्ष में कार्यवाही प्रारंभ करा दी जायेगी एवं तीन साल के भीतर राज्य निर्माण करा दिया जायेगा। उनकी इस बात का समर्थन नरेन्द्र मोदी और राजनाथ सिंह ने भी किया था लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात से ज्यादा कुछ नहीं निकल कर आ सका है। उन्होंने बुंदेलखंड की नदियों का सीना चीर कर अकूत बालू खनन के लिये भी सत्ताधीशों की कड़ी आलोचना करते हुये कहा कि खनिज हमारी धरोहर है, इसका खनन तत्काल रोका जाये। इस दौरान मोर्चा के कोषाध्यक्ष वरुण अग्रवाल, अमित रावत, अनिल पटैरया, रवि गौतम विरगुवां, छोटू बेहरे, संजीव चंसौलिया, गुल्लन गुप्ता, निशू तिवारी, आशू पटेल, आनंद सोनी, मिट्ठू याज्ञिक, रवि गुप्ता, दौलत यादव, आशुतोष रावत, प्रदीप सोनी, विशाल बेहरे, आकाश बुधौलिया, अलिकेश अवस्थी आदि मौजूद रहे।

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